केजरीवाल पहले संविधान पढ़ें, फिर मांगें दिल्‍ली के लिए पूर्ण राज्‍य का दर्जा: शीला

नई दिल्ली। पूर्ण राज्य की मांग को लेकर उपराज्यपाल के निवास पर धरना दे रहे अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने निशाना साधा है। शीला दीक्षित ने कहा है कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को पहले संविधान पढ़ना चाहिए और उसके बाद दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए प्रधानमंत्री एवं संसद से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि लोग धरने के पीछे की राजनीति समझते हैं क्योंकि ‘वे बेवकूफ नहीं हैं।’तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला दीक्षित ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान में दिल्ली के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री की भूमिका स्पष्ट तौर पर परिभाषित है। शीला दीक्षित ने आगे कहा कि केजरीवाल इस बात को समझ लें कि दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश है और यदि वह सोचते हैं कि वह हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसा शासन मॉडल चला सकते हैं तो वह गलत समझ रहे हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय में केजरीवाल के धरना प्रदर्शन पर हैरानी जताई।
उन्होंने आगे कहा, ‘इसके पीछे केजरीवाल की क्या मंशा है?’ उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर शर्मिन्दा हैं कि मुख्यमंत्री उपराज्यपाल कार्यालय में धरने की तस्वीरों को इंटरनेट पर सार्वजनिक कर रहे हैं। इस दौरान शीला दीक्षित ने अपने मुख्यमंत्री काल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह 1998 में मुख्यमंत्री बनी थीं तो केन्द्र में भाजपा की सरकार थी लेकिन उनका केंद्र सरकार के साथ कभी टकराव नहीं हुआ। शीला दीक्षित ने स्वीकार किया कि उन्होंने भी दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य की मांग की थी लेकिन कभी इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया। आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल और उनकी कैबिनेट के तीन मंत्री अपनी तीन मांगों को लेकर उपराज्यपाल के आवास पर बीते सोमवार से धरने पर बैठे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, अभिनेता से नेता बने कमल हासन, भाजपा सांसद शत्रुघन सिन्हा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई नेताओं ने केजरीवाल की मांगों का समर्थन किया है।
-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »