अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ संभालकर रखें बच्‍चे का टीकाकरण कार्ड

नए बच्‍चे का जीवन में आना हर मां-बाप के लिए एक रोमांचक समय होता है। चाहे वह नवजात शिशु को अपनी बाहों में उठाना हो या फिर बच्चे की जरूरतों के इर्द-गिर्द अपने जीवन को व्यवस्थित करना हो, पितृत्व की खुशियां किसी से कम नहीं होतीं। इस उत्साह के बीच माता-पिता अक्सर उन जिम्मेदारियों का सामना करते हुए दिखते हैं, जिनके लिए वे तैयार ही नहीं थे। बच्चों की बहुत सारी जरूरतें होती हैं, खासकर तब जब उनके स्वास्थ्य की बात आती है। कई माता-पिता टीकाकरण की योजना बनाते समय अनिश्चितता में रहते हैं। जब आप पहली बार माता-पिता बनते हैं, तो शिशु का टीकाकरण अपरिहार्य यानी बेहद जरूरी- सा लगता है।
बतौर माता-पिता अपने बच्चे को पूरी तरह से सुरक्षा देने के लिए प्रथम चरण के टीकाकरण को प्राथमिकता देना जरूरी है। जीवन के प्रारंभिक वर्षों के दौरान, बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली लगातार विकसित हो रही होती है, जो उन्‍हें बहुत सारी बीमारियों के प्रति अतिसंवेदनशील बनाती है। सही टीकाकरण करके बच्चों को एक दर्जन से अधिक गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है। वास्तव में, अप-टू-डेट टीकाकरण न केवल बच्चे के लिए, बल्कि उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है, जो नियमित रूप से उसके आसपास रहते हैं।
टीकाकरण का ध्यान रखना
आपके बच्चे के अधिकांश टीकाकरण जन्म और 6 साल के बीच पूरे होते हैं। कई टीके अलग-अलग उम्र में, और कॉम्‍बिनेशन में एक से अधिक बार दिए जाते हैं। इसका मतलब है कि आपको अपने बच्चे के हर टीके का सावधानीपूर्वक रिकॉर्ड रखना होगा। यद्यपि कभी-कभी आपका डॉक्टर/अस्पताल भी नजर रखेगा, लोग शहरों/डॉक्टरों को बदलते हैं, रिकॉर्ड खो जाते हैं, और इसलिए आपके बच्चे के टीकाकरण पर नजर रखने के लिए अंततः जिम्मेदार व्यक्ति आप ही हैं।
टीकाकरण कार्ड: बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य का पासपोर्ट
टीकाकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने और माता-पिता को अपने बच्चे के टीकाकरण का ट्रैक रखने में मदद करने के लिए, टीकाकरण कार्ड होना जरूरी है। दुनिया भर के बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा व्यापक रूप से रिकमेंडेड टीकाकरण कार्ड उपयोगी स्वास्थ्य रिकॉर्ड है, जिसमें टीकाकरण की तारीखों और खुराक के बारे में जानकारी शामिल होती है। अक्सर, माता-पिता टीकाकरण के महत्व के बारे में जानते हैं लेकिन एक उचित रिकॉर्ड की कमी के कारण महत्वपूर्ण टीकाकरण छूट जाते हैं। इस जगह पर टीकाकरण कार्ड एक संगठनात्मक दस्तावेज के रूप में काम आता है, जिसमें सभी प्रकार का डेटा एक ही स्थान पर रखा जाता है ताकि माता-पिता अपने बच्चे के स्वास्थ्य पर नजर रख सकें। अपने बच्चे के टीकाकरण कार्ड के बारे में सोचें और इसे अपने अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ संभालकर रखें।
टीकाकरण कार्ड इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) की सिफारिश है कि बच्चों को टीकाकरण कार्ड में उल्लिखित अनुसूची के अनुसार टीका लगाया जाना चाहिए। यह बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा रिकमेंडेड है ताकि बच्चों में समय पर ढंग से रोग प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण किया जा सके, जो जानलेवा बीमारियों में बदल सकता है। जब बच्‍चे एक विशेष उम्र तक पहुंच जाते हैं, तो वे कुछ बीमारियों के प्रति अतिसंवेदनशील हो जाते हैं। तो इसलिए एक सारणी का पालन करना आवश्यक है, जो सुरक्षित और विज्ञान पर आधारित हो। इसके अलावा यह बार-बार बच्‍चे को हेल्‍थ केयर प्रोवाइडर के पास ले जाने से भी बचाता है और मां को उसके बच्चे के स्वास्थ्य पर नियंत्रण की समझ भी देता है।
उम्र के हिसाब से टीकाकरण आम तौर पर माता-पिता पहले वर्ष के टीकाकरण का विवेकपूर्ण तरीके से पालन करते हैं और जैसे-जैसे उनका बच्चा बढ़ता है, वैसे-वैसे वे आगामी टीकाकरण के प्रति लापरवाही बरतने लगते हैं। बच्चे के जीवन में पहले पांच साल उनकी वैक्‍सीनेशन जर्नी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और टीके नीचे दिए गए हैं:
जन्म पर
बीसीजी ( टूबर्क्यूलोसस)
हेपेटाइटिस बी
ओपीवी (ओरल पोलियो वैक्सीन)
6 सप्ताह से 6 महीने के बीच
डीटीपी, हिब, हेप-बी, आईपीवी
पीसीवी (न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन)
रोटावायरस
6-12 महीनों के बीच
इन्फ्लुएंजा (5 वर्ष तक के बच्चों के लिए अनुशंसित)
एमएमआर (खसरा, गलसुआ और रूबेला)
टाइफाइड
मेनिंगोकोक्सल #
1-2 साल के बीच
हेपेटाइटिस-ए
चिकनपॉक्‍स, डीटीपी, हिब, आईपीवी
न्यूमोकोकल
एमएमआर
2-6 साल के बीच:
मेनिंगोकोक्सल #
एमएमआर
डीटीपी, आईपीवी
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा टीकाकरण और टीकाकरण प्रथाओं, 2020-21 की सलाहकार समिति के अनुसार अनुसूची
# विशेष स्थितियों के लिए
डीटीपी: डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस; हिब: हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी; हेप-बी: हेपेटाइटिस बी; आईपीवी: इंजेक्शन पोलियो वैक्सीन
टीकाकरण कार्ड के बारे में मुख्य जानकारी
टीकाकरण कार्ड सबसे महत्वपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य दस्‍तावेज में से एक है, जो एक बच्चे का होना जरूरी है। हमेशा अपने बाल रोग विशेषज्ञ के पास जाने के दौरान इसे अपने साथ रखें। माता-पिता की जिम्मेदारी है कि जब भी वो बाल रोग विशेषज्ञ के पास जाएं, तो कार्ड को जरूर अपडेट करवाएं। इस प्रकार, माता-पिता से यदि गलती से टीकाकरण चूक जाए या फिर ड्यू रह जाए, तो वह इसके लिए तैयार रह सकते हैं। ऐसे मामलों में तत्काल कदम उठाना चाहिए और सबसे पहले बाल रोग विशेषज्ञ से अगले टीकाकरण के लिए परामर्श करना चाहिए और चीजों को नियंत्रण में रखना चाहिए। माता-पिता को अधिक तैयार रखने के लिए इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा इम्यूनाइज इंडिया ऐप जैसी कई मुफ्त डिजिटल टीकाकरण अनुस्मारक सेवाएं (डिजिटल वैक्सीनेशन रिमांइडर सर्विस) भी हैं। टीकाकरण कार्ड को मेंटेन करने के अलावा, ये ऐप्स सुनिश्चित करते हैं कि माता-पिता अपने बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में अधिक सक्रिय हों।
जब आपके बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य की बात आती है तो समय पर टीकाकरण ही उसे दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान कर सकता है और स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी इम्‍युनिटी बनाने में मदद कर सकता है।
-एजेंसियां

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