प्रैक्टिस मैनेजमेंट से रूबरू हुए के.डी. डेंटल कालेज के छात्र

मथुरा। के.डी. डेण्टल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल अपने छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन के लिए उन्हें लॉकडाउन के समय ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से विशेषज्ञ दंत चिकित्सकों के अनुभवों से रूबरू करा रहा है। देश के जाने-माने दंत चिकित्सा विशेषज्ञ नोएडा निवासी डॉ. सुखदीप सिंह ने ऑनलाइन के.डी. डेंटल कालेज के भावी डॉक्टर्स को दंत चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलाव तथा प्रेक्टिस मैनेजमेंट की जानकारी प्रदान की। दंत विशेषज्ञों से ऑनलाइन मिल रहे अनुभवों को छात्र-छात्राओं ने नितांत उपयोगी बताया।

डॉ. सुखदीप सिंह ने प्रैक्टिस मैनेजमेंट को लेकर छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि कुशल चिकित्सक का लक्ष्य पैसा नहीं बल्कि रोगियों के प्रति समर्पण भाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुशल डॉक्टर के लिए मरीजों की सही समय से उचित देखभाल करना जरूरी है। यही प्रैक्टिस की सफलता की मुख्य कड़ी है। उन्होंने वर्तमान तकनीकी युग में वेबसाइट, स्मार्टफोन आदि का दंत चिकित्सा व जन जागरूकता के लिए किस तरह से उपयोग किया जाता है, के बारे में भी जानकारी दी।

दंत चिकित्सा के क्षेत्र में भारत ही नहीं विदेशों में भी चर्चित डॉ. प्रमोद सुबास ने क्रेनियो मैक्सिलोफैशियल सर्जरी द इक्सटेंडेड स्प्रेक्टम पर जानकारी दी। डॉ. सुबास ने छात्र-छात्राओं को बताया कि मैक्सिलोफेशियल सर्जरी मेडिसिन और सर्जरी के बीच का ब्रिज है। इससे गले, मुंह, चेहरे की संरचना में आने वाली किसी भी विकृति को ठीक किया जा सकता है। इस सर्जरी की मदद से क्लेफ्ट पैलेट, जबड़ों या फिर होंठों के किसी भी विकार का सुधार किया जा सकता है। इस सर्जरी में कोमल और कठोर टिशूज को ऑपरेट कर चेहरे या गले के रूप में बदलाव किया जाता है।

डॉ. प्रफुल्ल बाली ने स्माइल शोरटेस्ट टाइम टू टीथ तो डॉ. हसन सरफराज ने ए रोड मैप टू प्रेडिक्ट द इस्टेटिक आउटकम आफ एनटेरियर इम्प्लांट सपोर्टेड प्रोस्थोसिस के बारे में छात्र-छात्राओं को रूबरू कराया। डॉ. एस. दीपलक्ष्मी, डॉ. प्रज्ञा गोयल और डॉ. अनू अग्रवाल ने बेसिक्स आन सीबीसीटी इंटरप्रेक्टिसन विविंग थ्राग ए बेगिनियर्स लेंस के बारे में जानकारी दी। इसी कड़ी में डॉ. प्रियंका जैन सिक्का ने बांडिंग इन डेंटिस्ट्री तो डॉ. अनिल ढींगरा ने ए टू जेड इंडोडोंटिस तथा पोस्ट एण्ड कोर के बारे में छात्र-छात्राओं को विस्तार से बताया। डॉ. गगन सभरवाल ने छात्र-छात्राओं को सर्जिकल मैनेजमेंट ऑफ क्लेफ्ट लिप एण्ड पैलेट के बारे में अवगत कराया।

के.डी. डेंटल कालेज के प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी का कहना है कि लॉकडाउन के बाद की स्थितियां किसी भी दृष्टि से बहुत अच्छी नहीं रहने वाली लिहाजा भविष्य के दंत चिकित्सकों को देश के जाने-माने दंत चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुभवों से रूबरू कराना बहुत ही जरूरी है। हमारा उद्देश्य छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक ज्ञान मुहैया कराना है। आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि छात्र-छात्राओं को दंत चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुभवों को न केवल जानना चाहिए बल्कि उन पर अमल भी करना चाहिए। चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने कहा कि देश के जाने-माने दंत चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुभवों का जो लाभ छात्र-छात्राओं को मिला है, वह भविष्य में उनके काम आएगा।

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