मिसेज इंडिया इंटरनेशनल 2018 का ताज कश्‍मीरी हाउस वाइफ के सिर

नई दिल्‍ली। कभी-कभी दर्द भी इतनी हिम्मत दे जाता है कि जो सोचा नहीं होता, इंसान वो कर जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ कश्मीर की नुसरत परवीन के साथ। 36 वर्षीय नुसरत के दर्द ने उन्हें टूटने नहीं दिया, बल्कि हिम्मत दी और वे उसी के बलबूते मिसेज इंडिया इंटरनेशनल 2018 का ताज अपने सिर पर सजाने में कामयाब हो गईं। कुलगाम जिले के येरीपोरा खाानपोरा गांव की नुसरत तीन बच्चों की मां हैं और पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। वह कश्मीर की पहली मुस्लिम महिला हैं, जिन्होंने इंटरनेशनल पेजेंट का खिताब जीता है।
उन्होंने बताया कि उनकी शादी जिंदगी का सबसे बड़ा दुख है उनके लिए, पर इससे उन्हें कुछ करने की प्रेरणा भी मिली। नुसरत ने महाराष्ट्र के एक युवक के साथ प्रेम विवाह किया था। वह युवक जितना सफल होना चाहता था, उतना ही परिवार से दूर होता चला गया। उसने नुसरत को एक टिपिकल हाउस वाइफ बनाकर रख दिया। नुसरत ने कुछ करने की ठान ली और फैसला किया कि वो उस इंसान के साथ नहीं रहेंगी, जिसने उसे धोखा दिया।
दसवीं पास हैं नुसरत
नुसरत ने पढ़ाई सिर्फ दसवीं तक की है। ऐसे में उसे नौकरी नहीं मिली। किस्मत अच्छी थी कि उसे अखबार में मिसेज इंडिया पेजेंट का विज्ञापन दिखा और फिर यहीं से शुरू हो गया उसका सेलिब्रटी बनने का सफर।
फैशन इंडस्ट्री में बनाना चाहती थीं करियर
नुसरत को बचपन से फैशन का काफी शौक था। वो हमेशा से फैशन इंडस्ट्री में जाना चाहती थीं। वह कहती हैं, “मैंने सोचा कि अगर मैं पहले अपने शौक पूरे नहीं कर पाई तो क्या हुआ, अब मेरे पास चांस है और फिर मैंने आगे कदम बढ़ा दिया।”
-एजेंसियां

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