कश्मीर: आतंकी हमलों में दो पुलिसकर्मी शहीद, 10 जवान जख्मी

श्रीनगर। कश्मीर में आतंकियों ने मंगलवार सुबह दो अलग-अलग हमलों को अंजाम दिया। अनंतनाग जिले में आतंकियों ने सीआरपीएफ पर ग्रेनेड से हमला किया। इस हमले में 10 जवान जख्मी हो गए। वहीं, दूसरा हमला पुलवामा में पुलिस दल पर किया गया। जसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्यवाही से कुछ आतंकी भाग गए। फिलहाल इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बता दें रमजान के दौरान सरकार ने घाटी में सर्च अभियान चलाने पर रोक लगाई है। हालांकि, इस रोक के बाद से लगातार सीमा पार से घुसपैठ और आतंकियों के हमले जारी हैं।
पुलवामा के कोर्ट परिसर में पुलिस पर हमला
पुलिस के मुताबिक आतंकियों ने मंगलवार को पुलवामा के कोर्ट परिसर में बनी पुलिस चौकी पर हमला किया। इस हमले में दो जवान शहीद हो गए। तीन पुलिसकर्मी जख्मी भी हुए हैं। पुलिस ने आतंकियों को फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया।
अनंतनाग में सुरक्षाबल पर फेंका ग्रेनेड
पुलिस अधिकारी ने न्यूज़ एजेंसी को बताया कि अनंतनाग के जंगलात मंडी में पेट्रोलिंग पर निकले सीआरपीएफ के दल पर ग्रेनेड से हमला किया। इसमें 5 जवान जख्मी हो गए। सभी के अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल सभी ही हालत स्थिर है।
सुरक्षाबलों से राइफल छीनने वाले दो आतंकी गिरफ्तार
जम्मू कश्मीर के राजौरी से सुरक्षाबलों ने 11 जून को दो आतंकियों को गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास सुरक्षाबलों से एक दिन पहले छीनी गई राइफल भी बरामद हुई थी। राजौरी पुलिस, सीआरपीएफ की 72 बटालियन और सेना (38 आरआर) ने राजौरी-डीकेजे मार्ग पर एक संयुक्त जांच चौकी बनाई। सुरक्षा बल इस मार्ग पर वाहनों की जांच कर रहे थे, तभी दो बाइक सवार आतंकवादी पहुंचे, जिन्हें रुकने का इशारा किया गया लेकिन वे भागने लगे। दोनों जांच चौकी से भागने के साथ ही अपने पीछे आ रहे सुरक्षा बलों पर गोली चला रहे थे।
7 जूने को राजनाथ सिंह ने किया था बॉर्डर दौरा
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने 7जूने को बॉर्डर स्थित इलाकों का दौरा किया था। यहां वे सीमा पर रहने वाले लोगों से मिले थे। जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री और पीएमओ राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह इस दौरे में उनके साथ थे।
चार साल में 619 आतंकी ढेर
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि 4 साल के कार्यकाल में सुरक्षाबलों ने 619 आतंकियों को मार गिराया। वहीं, पिछली सरकार में यह आंकड़ा 471 था। उन्होंने कहा कि आतंकी घटनाओं में जवानों और नागरिकों की मौतों की संख्या में 1997 के मुकाबले 2017 में 96 फीसदी की कमी आई है।
-एजेंसी

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