सुप्रीम कोर्ट की कार्ति चिदंबरम को नसीहत, पैसे की बजाय अपने निर्वाचन क्षेत्र पर ध्‍यान दें

नई दिल्‍ली। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कार्ति ने सुप्रीम कोर्ट में 10 करोड़ रुपये लौटाने की याचिका लगाई थी। यह रकम उन्होंने विदेश जाने की अनुमति मिलने के बदले रजिस्ट्री के साथ जमा कराई थी। सर्वोच्च अदालत ने इस रकम को वापस लौटाने की याचिका खारिज कर दी। कार्ति आईएनएक्स मीडिया केस और एयरसेल मैक्सिस केस में आरोपी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की शिवगंगा सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले कार्ति चिंदबरम को नसीहत भी दी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि कार्ति को अपने निर्वाचन क्षेत्र पर अधिक ध्यान देना चाहिए। पीठ कार्ति की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में जमा कराए गए 10 करोड़ रुपये लौटाने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने यह राशि कर्ज पर ली है और वह इस पर ब्याज चुका रहे हैं।
बता दें कि आईएनएक्स मीडिया केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्ति चिदंबरम पर पिछले साल अक्टूबर महीने में बड़ी कार्रवाई की थी। ईडी ने कार्ति चिदंबरम की भारत और विदेशों में मौजूद 54 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। इसमें उनके बैंक अकाउंट भी शामिल हैं। कार्ति पर आरोप है कि 2007 में विदेश से 305 करोड़ रुपये पाने के लिए उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के मालिकों की मदद की। 2007 में कार्ति के पिता पी. चिदंबरम वित्त मंत्री थे।
आईएनएक्स मीडिया की मालिक इंद्राणी मुखर्जी ने इस साल 17 फरवरी को इस मामले में इकबालिया बयान दिया। उसी आधार पर कार्ति की गिरफ्तारी हुई थी। बाद में कार्ति चिदंबरम को इस मामले में जमानत मिल गई थी। बाद में उन्हें जांच में सहयोग करने के निर्देश और कुछ शर्तों के साथ सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें विदेश जाने की भी इजाजत दी।
-एजेंसियां

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