कर्नाटक पंचायत चुनाव: काउंटिंग आज भी जारी, बीजेपी को बढ़त

बेंगलुरु। कर्नाटक की 5,728 ग्राम पंचायतों में दो चरणों में हुए चुनाव की काउंटिंग गुरुवार को भी जारी है। अभी तक घोषित परिणामों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने 29,478 सीटों पर बाजी मारी जबकि कांग्रेस समर्थित 24,560 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। वहीं जेडीएस के 15,825 और 9,753 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि 60 फीसदी बीजेपी समर्थित प्रत्याशी चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने 3,600 ग्राम पंचायतों पर विजय हासिल की है।
सिक्का उछालकर और लॉटरी से तय हुआ विजेता
पंचायत चुनाव में लगभग 50 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी किस्मत का फैसला सिक्का उछालकर या फिर लॉटरी सिस्टम से किया गया। हुंसुर के गोहल्ली और चल्लाहल्ली पंचायत में दो महिला उम्मीदवारों को 100-100 वोट मिले। उनकी जीत का फैसला लॉटरी से हुआ। वहीं रायचुर में संकेश्वरहाला और रामदुर्ग पंचायत में भीमाप्पा और अरुणाम्मा दोनों ही प्रत्याशियों को 388-388 वोट मिले। निर्वाचन अधिकारियों ने टॉस के जरिए विजेता घोषित किया।
मृतक उम्मीदवार की हुई जीत, 95 साल की अम्मा विजयी
खानपुरा तालुक के कुक्केरी पंचायत से प्रत्याशी सीबी अंबोजी की 27 दिसंबर को मौत हो गई थी। इत्तेफाक से वह 414 वोटों से विजयी हुए हैं। वहीं बीदर जिले के मुटंगी गांव में 95 वर्षीय गुजम्मा शंकराप्पा होसमानी ने जीत हासिल की। उन्होंने वार्ड नंबर 2 से चुनाव लड़ा और 287 वोट हासिल किए।
20 साल में मिली पहली जीत, तो छलक पड़े आंसू
पिछले 2 दशक तक असफल प्रयास के बाद कर्नाटक ग्राम पंचायत में एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत का स्वाद चखा। बेलागवी जिले की मुतगा ग्राम पंचायत से रिजल्ट की घोषणा होते ही श्याम मुतगेकर की आंखों में आंसू आ गए थे। श्याम ने बताया, ‘मेरा सपना था कि मैं पंचायत में चुना जाऊं। मैंने 2000 से सभी ग्राम पंचायत चुनाव में हिस्सा लिया। इस बार मैं 36 वोटों से जीता हूं।’
‘गांव में भी बीजेपी सबकी फेवरिट’
इससे पहले कर्नाटक के मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने बड़ी जीत का दावा करते हुए कहा, ‘कांग्रेस, जेडीएस और निर्दलीयों की कुल सीटों से भी ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की है। नतीजे बता रहे हैं कि बीजेपी न सिर्फ शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी पसंदीदा दल है।’
कांग्रेस का बीजेपी पर आरोप
वहीं विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने आरोप लगाया है कि बीजेपी कांग्रेस समर्थित जीते हुए उम्मीदवारों को पैसे का प्रलोभन और मसल पावर दिखाकर अपने पाले में करने की जुगत में है। बीजेपी कुंठित है कयोंकि वह ग्रामीण भारत का दिल नहीं जीत सकी।
दो चरणों में हुए थे चुनाव
कर्नाटक में 5728 ग्राम पंचायतों की 82616 सीटों पर 22 और 27 दिसंबर को दो चरणों में हुए चुनाव में मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया था और इस दौरान 78.58 प्रतिशत मतदान हुआ। ये चुनाव पार्टी के चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़े गए थे। इन चुनावों के लिए बुधवार सुबह मतगणना शुरू हुई थी।
बीजेपी-कांग्रेस दोनों ने अधिक सीटें जीतने का किया दावा
बुधवार रात तक आधिकारिक रूप से किसी नतीजे की घोषणा हालांकि नहीं हुई थी लेकिन बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने अपनी पार्टी के समर्थन वाले उम्मीदवारों के अधिकतम सीटें जीतने का दावा किया।
पार्टी के सिंबल पर नहीं हो रहे चुनाव
कुल 2,22,814 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे जिनमें से 8,074 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए। पार्टी के चिह्न पर चुनाव नहीं होने के बावजूद सभी राजनीतिक दलों ने अपने समर्थक उम्मीदवार की जीत के लिए सभी प्रयास किए जिससे जमीनी स्तर की राजनीति पर उनकी पकड़ मजबूत हो।
-एजेंसियां

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