कर्नाटक: अब Protem Speaker के लिए जंग हुई शुरू

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा में शनिवार को बहुमत परीक्षण होना है और इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक Protem Speaker नियुक्त करने का आदेश दिया है। इसके लिए फिलहाल 2 वरिष्ठ नेताओं आरवी देशपांडे और उमेश कट्टी का नाम चल रहा है। विधानसभा सचिव ने Protem Speaker के लिए दो विधायकों के नाम संसदीय कार्य विभाग को भेजे हैं, जहां से इनके नामों को राज्यपाल की संस्तुति के लिए भेजा जाएगा।
बता दें कि उमेश कट्टी बीजेपी के विधायक हैं और आरवी देशपांडे कांग्रेस के विधायक हैं। दोनों ही अपनी-अपनी पार्टियों के वरिष्ठ विधायक हैं और इन दोनों में से किसी एक के नाम पर मुहर लगेगी। आठ बार से कांग्रेस विधायक आरवी देशपांडे सदन के वरिष्ठतम सदस्यों में हैं। देशपांडे ने कहा कि हमें संवैधानियक प्रक्रिया और मर्यादा का पालन करना होगा। इस लिहाज से मुझे लगता है कि मैं ही सदन का सबसे सीनियर सदस्य हूं। राजभवन को 18 मई की शाम चार बजे तक नाम पर मुहर लगानी होगी। शक्ति परीक्षण का काम फिर Protem Speaker की निगरानी में ही होगा।
क्या होता है प्रोटेम स्पीकर
Protem Speaker अस्थाई विधानसभा अध्यक्ष होता है। इसकी नियुक्ति गवर्नर करता है और इसकी नियुक्ति आमतौर पर तब तक के लिए होती है जब तक सदन की ओर से अपना स्थायी अध्यक्ष नहीं चुन लिया जाता। Protem Speaker ही नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ ग्रहण कराएंगे और इसके बाद शक्ति परीक्षण होगा। सुप्रीम कोर्ट ने वीडियोग्राफी करवाने की कांग्रेस की अपील पर फैसला नहीं दिया और यह निर्णय भी Protem Speaker के विवेक पर छोड़ दिया।
कर्नाटक में यह है पूरा गणित
कर्नाटक विधानसभा चुनाव की 222 सीटों पर आए नतीजों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी है। बीजेपी को 104 सीटें मिली हैं, लेकिन यह बहुमत से दूर है। बहुमत के लिए 111 विधायक जरूरी हैं क्योंकि Protem Speaker मतदान नहीं करेंगे, इस लिहाज से बीजेपी के पास बहुमत के लिए 7 विधायक कम हैं। कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37, बसपा को 1 और अन्य को 2 सीटें मिली हैं। शनिवार को शक्ति परीक्षण के बाद ही पता चल सकेगा कि येदियुरप्पा की सरकार रहती है या नहीं।
-एजेंसी

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