कर्नाटक: पार्टी से निराश डी के शिवकुमार ने कहा, मैं राजनीति में फुटबॉल खेलने नहीं आया

बेंगलुरु। कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में जहां गैर-बीजेपी दलों के नेताओं और कांग्रेस-जेडी(एस) एकता का शो देखने को मिला, वहीं इनमें एक बड़ा चेहरा निराश है। यह चेहरा हैं कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार, जिन्होंने कांग्रेस-जेडी(एस) गठबंधन में न सिर्फ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई बल्कि विधायकों को भी गठबंधन में रोककर रखा। वह निराश हैं कि उनके काम के बावजूद पार्टी या गठबंधन ने उन्हें महत्व नहीं दिया।
शिवकुमार के करीबी सूत्रों का कहना है कि वह परेशान हैं क्योंकि कांग्रेस हाईकमान ने उनके काम के लिए तत्काल इनाम के तौर पर कोई पद नहीं दिया। उन्हें उम्मीद थी कि राज्य कांग्रेस इकाई का नेतृत्व अब उनके जिम्मे सौंपा जा सकता है क्योंकि जी. परमेश्वर के डेप्युटी सीएम के रूप में शपथ लेने के साथ ही यह पद खाली हो रहा था।
कहा तो यह भी जा रहा है कि गुस्से में शिवकुमार अपने सभी समर्थकों और बेंगलुरु ग्रामीण से सांसद अपने भाई डीके सुरेश के साथ मंगलवार रात ही होटेल हिल्टन से चले गए जहां कांग्रेस विधायकों को ठहराया गया था। हालांकि उन्होंने बाद में स्थिति को संभालने की कोशिश की और कहा कि मैं करीब एक महीने से घर नहीं गया था और थोड़ा आराम चाहता था इसलिए होटेल छोड़ा। उनके सार्वजनिक बयान में भी उनका दर्द छलका।
शिवकुमार ने मीडिया से कहा, ‘क्या यह उनके लिए समान है कि जो एक सीट जीतें या जो राज्य में जीत हासिल करें? परमेश्वरा पिछले आठ साल से केपीसीसी चीफ रहे हैं। कुछ समय से वह कह रहे थे कि वह पद छोड़ेंगे। आठ साल से कई नेता इस पद के लालच में इसके खाली होने का इंतजार कर रहे हैं। मैं ऐसे लोगों में से नहीं हूं।’
उन्होंने कहा, ‘हर चीज का एक मुहूर्त होता है और वक्त आता है। मैं राजनीति में संन्यास लेने नहीं आया हूं और मैं फुटबॉल नहीं शतरंज खेलूंगा। पार्टी को फैसला लेने दें कि मुझे क्या करना है, मैं सिर्फ देखूंगा और इंतजार करूंगा।’
कांग्रेस अध्यक्ष से हुई थी बात
सूत्रों के मुताबिक होटेल में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ पांच मिनट तक उनकी बातचीत हुई। सोनिया गांधी ने भी विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें धन्यवाद देने के लिए मुलाकात की। राहुल के साथ बैठक के दौरान पूर्व मंत्री ने भावनात्मक रूप से कहा कि उन पर लगातार आयकर विभाग के छापे डाले गए और मुश्किल वक्त में भी वह लगाकर पार्टी के लिए काम करते रहे। इसके बावजूद जब उन्हें इनाम मिलने की बात आई, तो निराशा ही हाथ लगी।
पार्टी की खिलाफत नहीं करेंगे
कहा जा रहा है कि राहुल ने उन्हें यह कहते हुए शांत कर दिया कि उन्हें उन परिस्थितियों को समझना चाहिए जिनके अंतर्गत जेडी(एस) के साथ गठबंधन किया गया है और पार्टी उनके काम के बारे में अच्छी तरह से जानती है। सुबह भी शिवकुमार के घर पहुंचे कार्यकर्ताओं में गुस्सा देखने को मिला। शिवकुमार ने उन्हें यह कहकर शांत कर दिया कि एक वफादार कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में वह पार्टी को चोट पहुंचाने जैसा कुछ भी नहीं करेंगे।
-एजेंसी

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