कर्नाटक: पूर्व मंत्री को अगवा करके वसूली 48 लाख रुपए फिरौती

बेंगलुरु। कर्नाटक के पूर्व मंत्री आर वर्थुर प्रकाश के अगवा किए जाने और फिर 48 लाख की फिरौती देकर छूटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रिहा होने के बाद उन्‍होंने 1 दिसंबर को बेंगलुरु के बेलांदुर पुलिस स्‍टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है। उन्‍हें 25 नवंबर को उनके ड्राइवर के साथ उनके फार्म हाउस से अगवा कर लिया गया था। फिलहाल पुलिस अपहरणकर्ताओं को तलाश रही है।
पूर्व मंत्री का फार्महाउस बेंगलुरु से 70 किलोमीटर दूर कोलार के बेगली होशल्‍ली में है। मंगलवार को ही पुलिस ने बेलांदुर झील के पास उनकी लावारिस खड़ी एसयूवी को भी जब्‍त किया था। जब पुलिस ने उसके मालिक की खोज की तो पता चला कि यह पूर्व मंत्री की है। पूछताछ पर उन्‍होंने अपने अगवा होने की बात बताई साथ ही यह भी कहा कि अपहरणकर्ताओं ने उनसे मुंह बंद रखने को कहा था इसलिए पुलिस को सूचना नहीं दी।
‘8 बदमाशों ने किया अगवा’
अपनी एफआईआर में उन्‍होंने बताया कि 25 नवंबर को शाम 7 बजे जब वह फार्महाउस से कोलार के लिए जा रहे थे उसी समय 8 लोगों ने उनकी एसयूवी का रास्‍ता रोक लिया। उनके पास धारदार ह‍थियार थे, जिनके बल पर उन्‍होंने पूर्व मंत्री और उनके ड्राइवर सुनील को बंधक बना लिया। उनके हाथ-पैर बांधकर और आंखों पर पट्टी बांधकर उन्‍हें अनजान जगह ले जाया गया।
पहले मांगे थे 30 करोड़ रुपये
वर्थुर प्रकाश ने बताया कि पहले उन्‍हें टॉर्चर किया गया और 30 करोड़ रुपये की मांग की गई। टॉर्चर से बचने के लिए पूर्व मंत्री ने अपने एक सहयोगी नयाज के जरिए 48 लाख रुपये कोलार के कॉफी डे के पास अपहरणकर्ताओं को दिलवाए। लेकिन अपहरणकर्ताओं ने और पैसों की मांग की।
ड्राइवर बचकर भागा तो डरे बदमाश
इसी बीच जब अपहरणकर्ता शराब पी रहे थे तो ड्राइवर किसी तरह भाग न‍िकला। ड्राइवर के भागने के बाद डरे हुए बदमाशों ने पूर्व मंत्री को भी यह सोचकर छोड़ दिया कि पुलिस न आ जाए। पूर्व मंत्री ने बताया, ‘उन्‍होंने मुझे एक कार में बैठाकर सुबह 4 बजे होसकोट के पास छोड़ दिया। यहां से वर्थुर प्रकाश लिफ्ट लेकर एक प्राइवेट अस्‍पताल पहुंचे।
प्रकाश ने साल 2008 और 2013 में कोलार से चुनाव लड़ा था। वह डीवी सदानंद गौडा और जगदीश शेट्टियार की कैबिनेट में मंत्री बने थे।
-एजेंसियां

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