कर्नाटक चुनाव: सिद्धारमैया ने कहा, सांप्रदायिक हैं बीजेपी के हिंदू

कर्नाटक चुनाव के लिए आखिरी दौर में चल रहे प्रचार और तेज होती जुबानी जंग के बीच सीएम कैंडिडेट और राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस का पक्ष रखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी पर कर्नाटक के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि बीजेपी के जो हिंदू हैं, वे कम्युनल (सांप्रदायिक) हैं। साथ ही सिद्धारमैया ने बिना किसी समर्थन के कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया।
‘ हम सेक्युलर, बीजेपी के हिंदू हैं कम्युनल’
सिद्धारमैया ने हिंदू आतंकवाद से जुड़े अपने बयान पर उठे सवाल को लेकर कहा, ‘मैंने यह कहा था कि मैं भी हिंदू हूं और हिंदू होने का मतलब होता है सेक्युलर, यानी धर्मनिरपेक्ष होना जबकि बीजेपी के जो हिंदू हैं, वे कम्युनल (सांप्रदायिक) हैं।’
सिद्धारमैया ने लगातार यह बात दोहराई कि बीजेपी राजनीतिक आक्षेप और आरोपों के दम पर जीतने की कोशिश में ड्रामा कर रही है।
सिद्धारमैया ने कहा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी बताएं कि उन्होंने कर्नाटक के लिए क्या किया है? केंद्र सरकार में रहते हुए उन्होंने राज्य के लिए कुछ नहीं किया है। उन्हें अपने भाषणों में बताना चाहिए कि कर्नाटक के विकास में उनका क्या योगदान है, कर्नाटक सरकार की कई योजनाओं को उनकी ओर से मंजूरी नहीं मिली।’ सिद्धारमैया ने कहा कि किसानों के लिए कर्जमाफी को लेकर भी हमें केंद्र का साथ नहीं मिला।
‘नहीं चाहिए जेडी (एस) का साथ, कांग्रेस अकेले जीतेगी’
सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि बीजेपी और जेडी (एस) के बीच गुप्त समझौते जैसी स्थिति है और दोनों एक-दूसरे के साथ हैं। सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें जेडी (एस) के समर्थन की जरूरत नहीं पड़ने वाली और कांग्रेस अकेले ही सरकार बनाने में सक्षम है। दो सीटों से चुनाव लड़ने के सवाल पर सिद्धारमैया ने कहा, ‘खुद पीएम मोदी भी वडोदरा और वाराणसी दो सीटों से लड़े थे और येदियुरप्पा खुद भी अपने बेटे के साथ लड़ रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं दो जगह से लड़ रहा हूं क्योंकि मेरे कार्यकर्ताओं का कहना था कि चामुंडेश्वरी के अलावा बादामी सीट से भी मुझे लड़ना चाहिए, इससे कार्यकर्ताओं को बल मिलेगा और मैं दोनों सीटों से जीतने वाला हूं।’
‘पढ़ाएं कोई भी भाषा, हिंदी थोपने का विरोध’
कर्नाटक में हिंदी भाषा के विरोध को लेकर सिद्धारमैया ने कहा कि हमने किसी भाषा के प्रदेश में आने का विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘हम तो कहते हैं कि हर भाषा पढ़ाई जाए, जो चाहें वह पढ़ें लेकिन हम पर हिंदी थोपी नहीं जा सकती और हम लगातार इसका विरोध करते रहे हैं।’ सीएम ने कहा कि भाषा के मामले में जबरदस्ती नहीं की जा सकती और कर्नाटक के लोग भी ऐसा नहीं चाहते।
‘लिंगायत कार्ड नहीं, पहले ही आया था प्रस्ताव’
चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के लिंगायत कार्ड खेलने की बात पर सिद्धारमैया ने कहा, ‘लिंगायत कोई नया धर्म नहीं है। हमने इसकी शुरुआत नहीं की। हमसे पहले जब केंद्र में यूपीए और राज्य में येदियुरप्पा की सरकार थी तभी इसका प्रस्ताव तैयार किया गया था और ऊपर भेजा गया था। यह मांग राज्य के लिंगायतों की थी कांग्रेस ने इसकी शुरुआत नहीं की।’ राज्य के अलग झंडे की मांग को लेकर भी उन्होंने कहा, ‘कर्नाटक का झंडा मेरी मांग नहीं है, राज्य के लोग चाहते थे कि हमारा एक अलग झंडा हो इसलिए हमने एक कमेटी बनाई और उसपर ऐक्शन लिया गया।’
‘कम हुए हैं अपराध, बीजेपी नेता हैं भ्रष्टाचारी’
राज्य में अपराध को लेकर वर्तमान सीएम ने कहा, ‘यह सिर्फ राजनीतिक आरोप हैं, मैंने भी डेटा देखा है और पिछली सरकारों की तुलना में अपराध दर में कमी आई है।
इसके अलावा मानता हूं कि पिछले दो साल में किसानों की आत्महत्या के मामले बढ़े हैं। इसके लिए हमारी सरकार लगातार प्रयास करती रही है।’ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सिद्धारमैया ने बीजेपी नेताओं के नाम गिनाते हुए कहा, ‘यह फैक्ट है कि येदियुरप्पा जेल जा चुके हैं और जमानत पर बाहर हैं, ऐसे में अमित शाह और मोदी तब हमपर भ्रष्टाचार के आरोप कैसे लगा सकते हैं जब बगल में येदियुरप्पा बैठे हों। हमारी सरकार में कोई ऐसा मंत्री नहीं है जिसे जेल जाना पड़ा हो।’
-एजेंसी

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