शौर्य और पराक्रम का विजयोत्सव है कारगिल विजय दिवस: रक्षा मंत्री

नई दिल्‍ली। कारगिल विजय दिवस के मौके पर आज देश भारत मां के उन वीर सपूतों को याद कर रहा है, जिन्होंने भारत की रक्षा के लिए अपने प्राणों की कुर्बानी दी।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर शहीदों को उनके अदम्य साहस के लिए नमन किया।

प्रधानमंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ट्वीट कर कहा, ‘कारगिल विजय दिवस के मौके पर हम अपने सशस्त्र बलों के साहस और दृढ़ संकल्प को याद कर रहे हैं, जिन्होंने 1999 में हमारे देश की रक्षा की। उनकी वीरता पीढ़ियों को प्रेरित करती है।’इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक दिन नहीं है, बल्कि भारतीय सशस्र बलों के शौर्य और पराक्रम का विजयोत्सव है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दायरे में उठाया जाने वाले हर कदम आत्मरक्षा के लिए होता है, न कि आक्रमण के लिए। अगर दुश्मन देश ने हमारे ऊपर आक्रमण किया, तो हम उसे कारगिल की तरह मुंहतोड़ जवाब देंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, कारगिल विजय दिवस पर मैं समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। कारगिल की विजय दिलाने वाले सेना के जवानों की शहादत सदैव हमारे लिए प्रेरणा के स्त्रोत के रूप में काम करेगी।

उन्होंने कहा कि कारगिल न केवल हमारे स्वाभिमान का प्रतीक है, बल्कि अन्याय के खिलाफ उठाया गया कदम भी है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दायरे में हम जो कुछ भी करते हैं वह आत्मरक्षा के लिए होता है न कि हमले के लिए।

राजनाथ ने कहा कि पूर्व पीएम वाजपेयी जी ने भी कहा था कि हमने साबित कर दिया है कि हम दुश्मन देश को मुंहतोड़ जवाब दे सकते हैं जैसा हमने कारगिल में किया था। 21 साल बाद भी आज भी वही भाव है। हम एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं। हम अपने राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए कोई भी कदम उठाने के लिए हमेशा तैयार हैं।

दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचे थे। राजनाथ के साथ, रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक और सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी मौजूद थे। इन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आज के दिन को कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के सम्मान में मनाया जाता है।

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ ने शहीदों को नमन करते हुए ट्वीट कर कहा, ‘कारगिल विजय की 21वीं वर्षगांठ पर मैं भारतीय सशस्त्र बलों के उन बहादुर सैनिकों को सलाम करना चाहता हूं जिन्होंने हाल के इतिहास में दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दुश्मन का मुकाबला किया।’
गृह मंत्री अमित शाह ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जवानों का बलिदान दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा, ‘करगिल विजय दिवस भारत के स्वाभिमान, अद्भुत पराक्रम और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है। मैं उन शूरवीरों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से करगिल की दुर्गम पहाड़ियों से दुश्मन को खदेड़ कर वहां पुनः तिरंगा लहराया। मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित भारत के वीरों पर देश को गर्व है।’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड सांसद राहुल गांधी ने वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘कारगिल विजय दिवस पर मैं उन वीरों को नमन करता हूं जो सब कुछ समर्पित करके भी भारत की रक्षा करते हैं। जय हिंद।’

बता दें कि 26 जुलाई 1999 के दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ‘ऑपरेशन विजय’ को सफलतापूर्वक अंजाम देकर देश की भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराया था। इसी दिन को याद करते हुए 26 जुलाई को अब हर वर्ष करगिल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

-एजेंसियां

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