कविता के जरिए कंगना ने कहा: मेरी राख गंगा में मत बहाना, पहाड़ों पर बिखेर देना

कंगना रनौत ने एक और कविता लिखी है। इस कविता में उन्होंने अपनी आखिरी इच्छा जताई है। साथ ही बताया है कि वह क्यों नहीं चाहतीं कि उनकी राख गंगा में बहाई जाए।
कंगना रनौत न सिर्फ ज्वलंत मुद्दों पर दिल खोलकर अपनी बात रखती हैं बल्कि फैन्स की अपनी जिंदगी की घटनाओं से भी रूबरू करवाती रहती हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी हाइकिंग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की थीं। अब उनकी कविता ‘राख’ चर्चा में है। लॉकडाउन के वक्त भी उन्होंने एक कविता लिखी थी।
परिवार के साथ हाइकिंग पर गई थी कंगना
कंगना रनौत अपनी नई भाभी और रंगोली के साथ हाल ही में हाइकिंग पर गई थीं। इस दौरान उनके मन में कुछ विचार आए जिन्हें उन्होंने कविता के रूप में शेयर किया है। उन्होंने इसके वीडियो के साथ लिखा है, राख टाइटल की कविता लिखी है, हाइकिंग के दौरान इसकी प्रेरणा मिली, जब वक्त मिले तो देखें। इस कविता में कंगना ने कहा है, मेरी राख गंगा में मत बहाना। हर नदी सागर के साथ जाकर मिलती है। मुझे सागर की गहराइयों से डर लगता है। मैं आसमान को छूना चाहती हूं। मेरी राख को पहाड़ों पर बिखेर देना।
फैन्स को इन फिल्मों का इंतजार
इंट्रेस्टिंग बात ये है कि कंगना ने जो कविता पहले लिखी थी उसमें आकाश के बारे में बात की थी और उसका टाइटल ‘आसमान’ था। वर्क फ्रंट पर बात करें तो कंगना फिल्म ‘थलाइवी’ की शूटिंग पूरी कर चुकी हैं। वहीं फिल्म ‘धाकड़’ और ‘तेजस’ की तैयारियां भी चल रही हं।
-एजेंसियां

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