कोर्ट में सरेंडर करने का प्रयास कर रहे हैं कमलेश तिवारी के हत्‍यारे

लखनऊ। हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के आरोपियों द्वारा सोमवार को पुराने शहर के ठाकुरगंज निवासी एक वकील को कॉल करने की बात सामने आ रही है।
सूत्रों के अनुसार हत्या के आरोपियों ने सरेंडर करने के लिए वकील से संपर्क किया था। हालांकि दोबारा फोन नहीं आया। इस जानकारी के बाद पुलिस छानबीन में जुट गई है।
आरोपियों की तलाश में पुलिस यूपी से लेकर गुजरात तक मशक्कत कर रही है। लखनऊ के खुर्शेदबाग इलाके में कमलेश तिवारी की 18 अक्टूबर को हत्या हुई थी।
ठाकुरगंज के वकील को कॉल
ठाकुरगंज निवासी एक वकील को सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे कॉल आई। सूत्रों के अनुसार फोन करने वालों ने खुद का परिचय देते हुए कोर्ट में सरेंडर करने की इच्छा जताई। वकील ने थोड़ा समय मांगा था। वकील से आरोपियों के संपर्क करने की जानकारी होते ही पुलिस अलर्ट हो गई।
लखीमपुर के टैक्सी ड्राइवर के नंबर से फोन
सर्विलांस सेल की छानबीन में कॉल लखीमपुर खीरी के पलिया इलाके से आने की पुष्टि हुई। नंबर एक टैक्सी चालक का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार टैक्सी चालक का पता चल गया है। हालांकि उसका फोन बंद होने के कारण टीम उसकी तलाश में पलिया रवाना कर दी गई है।
उधर, हत्या आरोपियों के सरेंडर करने की भनक लगने पर पुलिस और एलआईयू की टीमें कोर्ट परिसर के आसपास जमा हो गई हैं। सुबह से देर शाम तक टीमें नजर रखे हुए थीं।
पत्नी से कही थी सरेंडर की बात
पुलिस सूत्रों के मुताबिक कमलेश की हत्या में शामिल दोनों आरोपी 20 अक्टूबर को नेपाल बॉर्डर के गौरीफंटा तक पहुंच गए थे। इसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि बॉर्डर पार नहीं कर सके और पलिया लौटने के बाद इनोवा से शाहजहांपुर पहुंचे। इस दौरान रास्ते में आरोपी अशफाक ने एक महिला को फोन किया था। माना जा रहा है कि उक्त महिला उसकी पत्नी थी। शाम करीब साढ़े चार बजे फोन पर हुई बातचीत के दौरान अशफाक ने कहा था कि सरेंडर के लिए लखनऊ जा रहा हूं। इसके बाद फोन बंद हो गया। पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही कि अशफाक ने किस महिला से बात की थी।
चार राज्यों से जुड़ रहे तार
अब तक की पड़ताल में यूपी समेत चार राज्यों से कमलेश तिवारी की हत्या के तार जुड़ चुके हैं। गुजरात के बाद महाराष्ट्र एटीएस ने नागपुर से सैयद असीम अली को गिरफ्तार किया है। सैयद असीम अली को लखनऊ पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आ रही है।
जानकारी के मुताबिक हत्या के बाद मुख्य साजिशकर्ता ने जिन तीन-चार लोगों को फोन किया था, उनमें से सैयद असीम अली भी शामिल है। कर्नाटक कनेक्शन से जुड़ी जानकारियां भी यूपी पुलिस को मिली हैं। इसके बाद डीजीपी ओपी सिंह ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के डीजीपी से फोन पर बात की है। डीजीपी ने सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइंस में बताया कि गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र के डीजीपी के साथ संपर्क में हैं। हत्याकांड में कई अहम साक्ष्य और जानकारियां मिली हैं, जिनकी तस्दीक करवाई जा रही है।
घिरने के बाद नेपाल भागने का इरादा छोड़ा
खुर्शेदबाग निवासी हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने घर में ही पार्टी कार्यालय बना रखा था। 18 अक्टूबर की दोपहर भगवा कुर्ता पहन कर मिलने आए दो युवकों ने उनकी हत्या कर दी थी। वारदात के बाद हत्यारे फरार हो गए। मौके से मिले सूरत स्थित मिठाई शॉप के डिब्बे और कॉल डीटेल के आधार पर यूपी पुलिस ने गुजरात एटीएस से संपर्क किया था। इसके बाद गुजरात एटीएस ने सूरत से हत्या की साजिश में शामिल कथित मास्टरमाइंड रशीद पठान समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
छानबीन के दौरान हत्यारों की शिनाख्त शेख अशफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन अहमद के रूप में हुई। इसके बाद से एटीएस और लखनऊ पुलिस समेत कई अन्य सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं। माना जा रहा है कि हत्या के आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे, हालांकि खुद को घिरता देखकर वे सरेंडर की सोचने लगे।
-एजेंसियां

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