दिग्‍गी को ‘Blackmailer’ बताने वाले मंत्री से कमलनाथ की गुप्‍त मीटिंग

भोपाल। मध्य प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार ने हाल ही में दिग्विजय सिंह को ‘Blackmailer’ कहा था। सिंघार ने आरोप लगाए थे कि दिग्वजिय मध्य प्रदेश सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। अब प्रदेश कांग्रेस के मुखिया और सीएम कमलनाथ ने उमंग सिंघार से जवाब-तलब किया है। मंगलावर को बंद कमरे में हुई मीटिंग में कमलनाथ ने उस ऑडियो क्लिप के बारे में भी मंत्री से बात की, जिसमें आरोप लगे थे कि कांग्रेस के कुछ विधायक शराब कारोबारियों से पैसे लेते हैं।
इस मीटिंग में उमंग सिंघार के अलावा मनावर से विधायक हीरालाल अलावा और बड़नगर से विधायक राज्यवर्धन सिंह दत्तिगांव भी मौजूद थे। मंगलवार को वायरल हुई ऑडियो क्लिप में इन तीनों विधायकों का जिक्र हुआ था। इस ऑडियो क्लिप में कहा गया था कि कांग्रेस के कुछ विधायक शराब कारोबारियों से पैसे लेते हैं। तीनों विधायकों से बात के बाद सीएम कमलनाथ ने जांच के आदेश दे दिए। इसके अलावा धार के असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर संजीव दुबे का ट्रांसफर कर दिया गया। इस ऑडियो टेप में कथित तौर पर संजीव दुबे यह कहते हुए सुने गए हैं कि विधायक पैसे मांगते हैं। संजीव दुबे ने ऑडियो को फेक बताया है।
कमलनाथ ने कहा, बयानबाजी से पहले मुझसे कहते
रात 9 बजे तक चली मीटिंग में कमलनाथ ने उमंग सिंघार के उस बयान पर भी उनकी क्लास ली, जिसमें उन्होंने दिग्विजय सिंह को Blackmailer कहा था। कमलनाथ ने उमंग को कहा कि मीडिया में खुलेआम बयानबाजी से पहले उनसे चर्चा करनी चाहिए थी। मीटिंग से निकलने के बाद उमंग सिंघार मीडिया के सवालों के जवाब दिए बिना ही चले गए।

इससे पहले उमंग सिंघार ने दिग्विजय के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें सबसे बड़ा ‘Blackmailer’ बताया था। सिंघार ने कहा था, ‘दिग्विजय ऐसे बयान क्यों देते हैं जो कांग्रेस का नुकसान करें? वह हिंदू आतंकवाद क्यों कहते हैं?’ बता दें कि उमंग सिंघार मध्य प्रदेश कांग्रेस का मुखिया बनने की रेस में भी शामिल हैं। सिंघार ने दिग्विजय पर रेत माफिया को संरक्षण देने और पैसों के लिए भूखा होने का आरोप भी लगाया है।
दिग्विजय बोले, कमलनाथ या सोनिया गांधी से पूछिए
इस पर जवाब देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मैं क्या कहूं? कमलनाथ से पूछिए, वह सीएम हैं और मध्य प्रदेश कांग्रेस के मुखिया भी। उनसे पूछिए कि उन्हें क्या कहना है। या फिर सोनिया गांधी से पूछिए, जो कांग्रेस अध्यक्ष हैं। मुझे कुछ नहीं कहना है।’ बताते चलें कि उमंग सिंघार ने मंगलवार को दिग्विजय सिंह को चाय पर बुलाते हुए कहा था, ‘मैं उन्हें बिना चीनी के चाय पिलाऊंगा, जो उनका शरीर पचा सके।’
इस पूरे मामले पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व चीफ अरुण यादव ने ट्वीट करके कहा, ‘मध्य प्रदेश में 15 सालों के संघर्ष के बाद मैं ऐसी स्थिति देखकर काफी दुखी हूं। अगर मुझे इस सबके बारे में थोड़ा भी आसास होता तो तो मैं चाय पर या मंत्री से मिलने नहीं जाता।’
दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार के बीच कुर्सी की लड़ाई?
पिछले हफ्ते उमंग सिंघार ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि दिग्विजय सिंह सरकार में लगातार हस्तक्षेप कर रहे हैं और खुद को ‘पावर सेंटर’ बनाना चाहते हैं।
दरअसल, इन दोनों के बीच यह लड़ाई तब शुरू हुई, जब दिग्विजय सिंहा का एक पत्र वायरल हो गया।
इस पत्र में दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ सरकार के मंत्रियों से 31 अगस्त 2019 से पहले से मिलने का समय मांगा था। इसके अलावा उन्होंने यह भी पूछा था कि उनके ट्रांसफर और अन्य मामलों से संबंधित आवेदनों पर क्या कार्यवाही हुई है। यह लेटर उसी दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसी पर उमंग सिंघार ने कहा था कि दिग्विजय सिंह सरकार में लगातार हस्तक्षे कर रहे हैं।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार के बीच प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जंग छिड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि इसी को लेकर उमंग सिंघार दिग्विजय सिंह पर लगातार हमले बोल रहे हैं और उनको पार्टी विरोधी और Blackmailer बता रहे हैं। दूसरी तरफ सिंधिया के समर्थकों ने आर या पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *