अपनों पर विश्‍वास करते थे कल्याण सिंह: एमएस भाट‍िया

मथुरा। बात बहुत पुरानी है। बाल श‍िक्षा प्रबन्धक समिति मथुरा के सदस्यों ने विधायक श्री श्‍याम सुन्दर शर्मा के साथ लखनऊ में कल्याण सिंह के आवास पर पहुँच कर उन्हें एक ज्ञापन दिया। उन्होंने ज्ञापन बिना पढ़े अपने सचिव को देकर कहा कि इसमें जो लिखा है वह सब मान लिया जाये और ज्ञापन हाथ में लेकर कुछ लिखा तथा हस्ताक्षर कर दिये।

इसी समय श्‍याम जी ने साथ गये सभी सदस्यों का संक्षिप्त परिचय दिया और मेरे परिचय में कहा क‍ि ये मथुरा के वरिष्‍ठ पत्रकार हैं, इन्होंने गाँव – गाँव घूम कर ब्रज के रसिया आदि लोकगीतों का संकलन किया है।

तभी कल्याण सिंह बोल पड़े – अपने युवा काल में हम रसिया सुनते थे – ‘कान्हा बरसाने में आइ जइयो, बुलाइ गई राधा प्यारी’ और हमारे पड़ोस की एक महिला तेजी से नाचते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाकर ‘‘सौत’’ ‘‘सौत’’ का कोई गाना गाती थीं। मैं उसी समय बोल पड़ा यह गाना तो नहीं था – ‘‘मझोली टूटी बम्बे पै, अबु काहे पै चढ़ैगी ल्होरी सौत’’, कल्याण सिंह के होठों पर मुस्कराहट आई और बोले – कुछ इसी तरह का गीत था।

कल्याण सिंह को जो ज्ञापन दिया गया था उसमें माँग की गई थी कि कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के बस से आगरा, दिल्ली, हरिद्वार आदि स्थानों पर जो ‘एजूकेशनल टूर’ जायें उन पर ‘‘पैसिन्जर टैक्स न लिया जाय’’ और कल्याण सिंह के आदेश पर यह समाप्त हो गया था। उन्होंने श्‍याम सुन्दर शर्मा के विश्‍वास पर बिना ज्ञापन पढ़े, उसे स्वीकृति प्रदान कर दी थी और जब ज्ञापन पढ़ा तो कहा कि यह तो बच्चों के आशीर्वाद का कार्य हुआ।

– Legend News

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