कलीम सिद्दीकी मामला धर्मांतरण नहीं राष्ट्रांतरण: सुरेश चव्हाण

नई द‍िल्‍ली। भारत के कट्टर मुसलमान देश के नौकर वर्ग को स्वयं के नियंत्रण में लेने के लिए ‘यू.पी.एस.सी. जिहाद’ अर्थात ‘नौकर वर्ग जिहाद’ चला रहे हैं। भारत की ‘यू.पी.एस.सी.’ परीक्षा में ‘जकात फाउंडेशन’ नामक संस्था के मुसलमान विद्यार्थी भारत से बड़ी मात्रा में उत्तीर्ण हो रहे हैं। इसके लिए संगठनों को अनेक आतंकवादी संगठनों से आर्थिक आपूर्ति हो रही है। ‘जकात फाउंडेशन’ की ‘शरियत परिषद’ के वरिष्ठ सलाहकार मौलाना कलीम सिद्दीकी को धर्मांतरण सहित आर्थिक हेराफेरी के प्रकरण में उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाल ही बंदी बनाया है। सिद्दीकी केवल एक मोहरा है तथा इसके पीछे भारत में ‘गजवा-ए-हिन्द’ करने के लिए हिन्दुओं के धर्मांतरण का वैश्विक षड्यंत्र चल रहा है। उक्‍त प्रतिपादन सुदर्शन न्यूज के प्रमुख संपादक सुरेश चव्हाणके ने किया। वे हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‘भारत में धर्मांतरण जिहाद !’ विषय पर आयोजित ‘ऑनलाइन’ विशेष संवाद में वे बोल रहे थे।

धर्मांतरण के संबंध में वास्तविकता प्रस्तुत करते समय चव्हाणके ने आगे कहा कि सरकार ने इस प्रकरण में कुछ लोगों को यद्यपि बंदी बनाया है तथापि यह ‘जिहाद’ अनेक मौलाना कार्यान्वित कर रहे हैं और अभी भी वे खुले घूम रहे हैं। आर्थिक दृष्टि से दुर्बल अथवा विकलांग व्यक्ति, दूर बस्ती में रहने वाले हिंदुओं को प्रथम लक्ष्य बनाकर उन्हें धर्मांतरित किया जा रहा है। गत 15 महीने में केवल बिहार में ही 10 लाख हिन्दुओं का धर्मांतरण हुआ है तथा अब वे ईसाई बन गए हैं। भारत के अन्य राज्यों में भी बड़ी मात्रा में धर्मांतरण हो रहा है।

प्रयागराज टाइम्स के संपादक अनुपम मिश्रा ने कहा कि हिन्दुओं का धर्मांतरण करने के लिए मुसलमान और ईसाइयों को खुली छूट दी गई है। क्या भारत में ऐसा कोई राज्य है, जहां मदरसों को आर्थिक सहायता और इमामों को वेतन नहीं दिया जाता? जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन अपने वेबसाईट (जालस्थल) पर सार्वजनिक रूप से कहते हैं कि ‘धर्मांतरण करना यह हमारे अस्तित्व का मुख्य उद्देश्य है। विविध स्थानों पर सरकार द्वारा हिन्दुओं का दमन हो रहा है, तब धर्मांतरण करनेवाली मिशनरियां और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढने वालों को हिन्दू अब संगठित होकर विरोध कर रहे हैं, यह एक आशा की किरण है।

हिन्दू जनजागृति समिति के उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य समन्वयक विश्‍वनाथ कुलकर्णी ने कहा कि अभी तक बड़ी संख्या में किया गया हिन्दुओं का धर्मांतरण प्रलोभन देकर अथवा बलपूर्वक हुआ है। ‘धर्मांतरण यह राष्ट्रांतरण’ है। धर्म और संस्कृति नष्ट कर अभी तक मुगलों सहित अन्य विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारे देश का विभाजन किया, यह सत्य इतिहास बता कर हिन्दुओं में जनजागृति करनी चाहिए। हिन्दू बंधुओं को अपने हिन्दू धर्म की महानता समझाने की आवश्यकता है। देश में ‘धर्मांतरण विरोधी कानून’ बनाकर उस पर कठोरता से कार्यान्वयन करना आवश्यक है। हिन्दू यदि स्वयं धर्मपालन करेंगे, तो अपने धर्म के प्रति अभिमान निर्माण होगा।
– Legend News

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