ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस पर प्रहार, बहुत से चील-गिद्ध मुझे नोचने को बैठे हैं

भोपाल। शिवराज सरकार के 100 दिन पूरे होने पर भोपाल स्थित बीजेपी ऑफिस में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वर्चुअल रैली के जरिए बीजेपी के कद्दावर नेताओं ने प्रदेश की जनता के सामने अपनी उपलब्धियां गिनाई हैं। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पर जबरदस्त प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे चील मुझे नोचने के लिए बैठे हैं। मैं कांग्रेस में रह कर भी सदा सत्य का साथ दिया हूं।
उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि एक दल ने सत्ता को कायम रखने के लिए देश में आपातकाल कायम किया और दूसरे ने लोगों की जान बचाने के लिए लॉकडाउन का निवेदन किया और लोगों ने अपने प्रधानसेवक की अपील को स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहेंगे कि कांग्रेस छोड़ने पर इस तरह की बात कर रहे हैं। मैंने कांग्रेस में रह कर भी आपातकाल का विरोध किया है।
पीपीई किट नहीं था
सिंधिया ने कहा कि जब भारत में लॉकडाउन शुरु हुआ तो न तो पीपीई किट थी और न ही इस बीमारी से बचने के लिए कोई साधन था। ये प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज 5 लाख किट रोज़ बन रहे हैं। 1 हजार अस्पताल हैं। पीएम की संवेदनशीलता और साहस का ही बल है कि चीन के सैनिकों को हमारे जवानों ने धूल चटाई। आज हमारे प्रधानमंत्री लेह पहुंचकर जवानों का हौसला बढ़ा रहे हैं। ये है सशक्त नेतृत्व का परिणाम।
कमलनाथ पर प्रहार
सिंधिया ने पूर्व सीएम कमलनाथ पर प्रहार करते हुए कहा कि मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि कोरोना को लेकर आपने क्या किया ? आपकी व्यस्तता सिर्फ ट्रांसफर उद्योग की बहाली थी। मार्च में कई लोगों की नियुक्तियां की। कोरोनाकाल में आईफा की बैठक लेने का समय था लेकिन कोरोना को लेकर बैठक का समय नहीं था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उनके पास अभिनेता और अभिनेत्री के साथ बैठने का समय था। आईफा के लिये पैसे देने का समय था लेकिन कोरोना के लिये उनके पास कुछ नहीं था। शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना से लड़ने के साथ ही प्रदेश के विकास के लिये भी कई बड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
नोचने के लिए बैठे हैं चील
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आज मेरे पास बहुत चील साइड-साइड बैठे हैं, मुझे नोचने के लिए। नोचा भी उसे जाता है, जिसमें कुछ अच्छा होता है। सिंधिया ने कहा कि करो मुझ पर जितना हमला करना है। मैंने कल भी कहा था और आज भी कहता हूं कि टाइगर अभी जिंदा है।
-एजेंसियां

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