जस्टिस Madan Lokur बने फिजी में गैर-नागरिक पैनल के जज

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट से हाल ही में रिटायर होने वाले जस्टिस Madan Lokur को फिजी ने अपनी सुप्रीम कोर्ट के गैर-नागरिक पैनल में जज के तौर पर नियुक्त किया है। दिसंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए जस्टिस Madan Lokur को फिजी के सुप्रीम कोर्ट में अप्रवासी समिति के न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, जस्टिस Madan Lokur की नई जिम्मेदारी का कार्यकाल 3 साल का होगा। पिछले साल तत्कालीन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस करने वाले चार जजों में शामिल रहे जस्टिस लोकुर 31 दिसंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे।

पूर्व जज के करीबी सूत्रों का कहना है कि रिटायरमेंट वाले दिन ही उन्हें फिजी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की तरफ से अपने यहां गैर-नागरिक पैनल में जज के तौर पर शामिल होने का प्रस्ताव मिला था। इस प्रस्ताव को जस्टिस लोकुर ने स्वीकार कर लिया है और वह इस साल 15 अगस्त के दिन अपनी नई जिम्मेदारी को संभाल लेंगे।

बता दें कि बीते साल सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जजों द्वारा हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने वाले जजों में जस्टिस लोकुर एक थे।

उनकी सेवानिवृत्ति के बाद एक कार्यक्रम में इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के हासिल के बारे में सवाल करने पर उन्होंने कहा था कि इससे सुप्रीम कोर्ट की मौजूदा प्रणाली में कुछ पारदर्शिता आई है।

इसी समय जब उनसे सेवानिवृत्त हुए जजों द्वारा सेवानिवृत्ति के बाद पद स्वीकारने के बारे में पूछा गया था, जिस पर जवाब देते हुए जस्टिस लोकुर ने कहा कि कई कानूनों के तहत न्यायाधिकरणों और संवैधानिक संस्थाओं की अध्यक्षता करने के लिए सेवानिवृत्त जजों की आवश्यकता होती है।

उन्होंने कहा था कि सभी जजों द्वारा सेवानिवृत्ति के बाद वाली नियुक्तियों को ठुकराने से ऐसी व्यवस्थाएं ठप्प पड़ जाएंगी। अन्यथा कानूनों में बदलाव करने पड़ेंगे हालांकि इस पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद जजों की नियुक्तियों को लेकर एक सीमा तय होनी चाहिए।

-एजेंसी

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