गोवा में सरकार बनाने के लिए जोड़-तोड़ के प्रयास शुरू, गडकरी ने डाला डेरा

Junking efforts to form government in Goa begin, Gadkari camped
गोवा में सरकार बनाने के लिए जोड़-तोड़ के प्रयास शुरू

पणजी। गोवा में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने की वजह से वहां जोड़-तोड़ की कोशिशें तेज हो गई हैं। 40 विधानसभा सीटों वाले गोवा में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 17 सीटें जीती है, वहीं बीजेपी 13 सीट जीतकर दूसरे पायदान पर है। दोनों ही पार्टियों के नेता सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे हैं।
बीजेपी की सरकार बनाने की संभावनाओं को तलाशने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी राजधानी पणजी में डेरा डाल चुके हैं। पार्टी ने गडकरी को गोवा का पर्यवेक्षक बनाया है। उन्होंने वहां बीजेपी विधायकों के साथ बैठक भी की।
बता दें कि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते अपना दावा जता रही है, तो बीजेपी सबसे ज्यादा वोट शेयर की वजह से अपना दावा कर रही है। बीजेपी दूसरे दलों और निर्दलीयों के सहारे सरकार बनाने की जुगत में है।
गोवा में कांग्रेस को 17, बीजेपी को 13, महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी को 3, गोवा फारवर्ड पार्टी को 3, एनसीपी को 1 और निर्दलियों के खाते में 3 सीटें गई हैं। सीटों के लिहाज से कांग्रेस भले ही सबसे बड़ी पार्टी हो लेकिन वोट शेयर के मामले में वह बीजेपी से पीछे है। बीजेपी को गोवा में सबसे ज्यादा 32.5 प्रतिशत वोट मिला है तो कांग्रेस का वोट शेयर 28.4 प्रतिशत है। महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी बीजेपी की सहयोगी रह चुकी है इसलिए बीजेपी उसे अपने खेमे में मानकर चल रही है जबकि कांग्रेस को गोवा फारवर्ड पार्टी से उम्मीदें हैं।
कांग्रेस ऐसे बना सकती है सरकार
सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस को उम्मीद है कि परंपरा के मद्देनजर राज्यपाल सबसे पहले उसे ही सरकार बनाने के लिए न्योता भेजेंगे। 40 सीटों वाले गोवा में सरकार बनाने के लिए कम से कम 21 सीटें जरूरी हैं। कांग्रेस की 17 सीटें हैं। एनसीपी के 1 विधायक के समर्थन से उसकी ताकत 18 पर पहुंच जाएगी। तब उसे या तो गोवा फारवर्ड पार्टी (3 विधायक) के समर्थन की दरकार होगी या फिर सभी 3 निर्दल विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। गोवा फारवर्ड पार्टी के प्रमुख विजय सरदेसाई कांग्रेसी रह चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन की कोशिश भी की थी लेकिन बात नहीं बन सकी। चुनाव प्रचार के दौरान सरदेसाई के निशाने पर बीजेपी ही रही थी इसलिए भी कांग्रेस को उम्मीद है कि GFP उनके साथ आ सकती है। कांग्रेस निर्दलियों के भी संपर्क में है।
बीजेपी ऐसे बना सकती है सरकार
बीजेपी (13 सीट) को सरकार बनाने के लिए न सिर्फ महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी (3) की जरूरत होगी बल्कि उसे GFP के साथ-साथ तीनों निर्दल विधायकों के समर्थन की भी दरकार होगी (13+3+3+3=21)। बीजेपी की सहयोगी रह चुकी MGP ने इस बार आरएसएस के बागी सुभाष वेलिंगकर के गुट के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। दोनों ने मिलकर चुनाव में बीजेपी को तगड़ा झटका दिया और 12.5 प्रतिशत वोटों पर अपना कब्जा किया। अब वेलिंगकर आरएसएस में वापसी को तैयार हैं और अपने गुट को भंग कर चुके हैं। ऐसे में बीजेपी को उम्मीद है कि MGP आसानी से उसके साथ आ जाएगी। हालांकि बीजेपी के लिए MGP के साथ-साथ GFP और तीनों निर्दलियों को साथ लाना आसान नहीं होगा।
-एजेंसी

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