Gudia गैंगरेप केस में आया फैसला, दुष्कर्म‍ियों को 20 साल की कैद

नई दि‍ल्ली। पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में 13 अप्रैल, 2013 को पांच वर्षीय बच्ची Gudia (काल्पन‍िक नाम) से सामूहिक दुष्कर्म और अपहरण मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने दोनों दोषियों को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने पीड़ित बच्ची Gudia को बतौर मुआवजा 11 लाख रुपये भी देने का आदेश दिया है। निर्भया मामले के महज चार महीने बाद राजधानी को झकझोर देने वाली इस वारदात के मामले की कार्यवाही करीब सात साल चली।

बचपन बचाओ आंदोलन संस्था की ओर से पीड़िता का केस लड़ रहे वरिष्ठ वकील एचएस फुल्का ने कोर्ट के फैसले पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि इस मामले में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा होनी चाहिए थी। साथ ही, पीड़िता को 25 लाख रुपए तक मुआवजा मिलना चाहिए था। इसलिए इस फैसले को हम ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे।

बता दें कि पीड़िता का केस लड़ने वाली संस्था बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का ने की बहस की और दोषियों के लिए उम्रकैद की सजा की मांग की थी। इससे पहले पिछली सुनवाई में कोर्ट ने 7 साल पुराने दिल्ली के गुड़िया सामूहिक दुष्कर्म में दो आरोपियों मनोज और प्रदीप को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने मनोज और प्रदीप को अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। इसमें दोनों दोषियों को उम्रकैद तक की सजा सुनाई जा सकती है।

कड़कड़डूमा कोर्ट ने मनोज शाह और प्रदीप कुमार को 20 साल कैद की सजा सुनाई। हालांकि, पीड़ित पक्ष ने यह कहते हुए फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है कि दोषियों को न्यूनतम सजा दी गई है। इस मामले में करीब सात साल बाद फैसला आया है।

गौरतलब है कि कोर्ट ने 18 जनवरी को आरोपी मनोज शाह व प्रदीप कुमार को अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट सहित कई संगीन धाराओं में दोषी ठहराया था। जिसके बाद माना जा रहा था कि इन दोनों को उम्र कैद की सजा होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे पीड़िता के परिजन भी नाराज हैं।

पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में 13 अप्रैल, 2013 को दोषियों ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद बच्ची को मरा समझकर एक कमरे में छोड़ दोनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों को एक सप्ताह में ही मुजफ्फरपुर और दरभंगा से गिरफ्तार कर लिया था।

– एजेंसी

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