बीमा क्लेम खारिज़ कर जज बोले, बीए पास हैं तो बस की छत पर सफर क्यों

जयपुर। बस की छत पर यात्रा कर रहे युवक ने अपनी रीढ़ की हड्डी में चोट आने पर जब बीमा क्लेम के ल‍िए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में श‍िकायत करते हुए क्लेम मांगा तो इसे खारिज़ करते हुए जज ने कहा क‍ि आप बीए पास हैं, इतनी जानकारी तो होगी क‍ि बस की छत पर बैठना कानूनी रूप से गलत है तो बस की छत पर सफर क्यों कर रहे थे , इस ल‍िए आपका दावा खार‍िज क‍िया जाता है।

महानगर के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण-एक ने एक्सीडेंट केस में प्रार्थी की उस दलील को नहीं माना, जिसमें कहा था कि जनवरी की सर्दी के दौरान बारातियों से भरी बस की छत पर रात में यात्रा के दौरान गिरने पर उसे रीड़ की हड्‌डी व गर्दन में चोट आई थी।

प्रार्थी की दलील थी-सड़क खराब होने के कारण नीचे गिर गया था, इसलिए क्लेम दिलवाएं

अधिकरण ने वादी केशव कुमार के 40.51 लाख रुपए की क्लेम याचिका खारिज करते हुए कहा कि वादी बीए पास है और जनवरी की सर्दियों में रात के समय बस की छत पर उसका यात्रा करना स्वाभाविक नहीं लगता। अधिवक्ता राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि प्रार्थी ने एक्सीडेंट की रिपोर्ट 102 दिन देरी से दर्ज कराई और इसका कोई उचित कारण भी नहीं दिया। इसके अलावा घटना से संबंधित गवाह भी अधिकरण में पेश नहीं किया।

बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस, बस मालिक, चालक के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला

मामले के अनुसार, केशव कुमार ने बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस व बस मालिक और चालक के खिलाफ क्लेम याचिका दायर की थी। इसमें कहा था कि 20 जनवरी 2014 को वह गांव के दिनेश की शादी की बारात में हिन्डौन के गांव बिरगम्मा गया था।

वापसी में लौटने के दौरान बस में सवारी अधिक होने के कारण उसे अन्य लोगों के साथ बस की छत पर बिठा दिया। रात साढ़े बारह बजे जब बस नंगला मीणा के पास आई तो बस चालक की लापरवाही और सड़क खराब होने के कारण वह बस की छत से नीचे गिर गया और उसके रीढ़ की हड्‌डी व गर्दन में चोट आई। इसलिए उसे क्लेम दिलवाया जाए।
– एजेंसी

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