तीन राज्‍यों की ज्वाइंट नक्सल कमेटी ने रची थी Gadchiroli की साजिश: ANO

रायपुर। महाराष्ट्र के Gadchiroli में नक्सली ब्लास्ट में सीआरपीएफ के 15 जवानों को उड़ाने की साजिश तीन राज्‍यों की ज्वाइंट नक्सल कमेटी ने  प्लान की थी। एंटी नक्सल आपरेशन (एएनओ) के आला अधिकारियों की मानें तो छत्तीगसढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र में सक्रिय नक्सलियों ने प्लान बनाया और साजिश को अंजाम दिया।

खुफिया विभाग ने पहले ही आशंका जताई थी कि लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सली Gadchiroli में बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। यह अलर्ट उस समय जारी हुआ था, जब छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सली ब्लास्ट में हत्या कर दी गई थी।

नक्सली बड़े नेताओं ने Gadchiroli के ट्राइजंक्शन को नया ठिकाना बनाया है

एएनओ के आला अधिकारियों ने बताया कि बस्तर में नक्सलियों को घेरने के बाद नक्सली बड़े नेताओं ने गढ़चिरौली के ट्राइजंक्शन को नया ठिकाना बनाया है। यहां बड़े नेताओं की मौजूदगी की लगातार खबर मिल रही थी। पिछले चार साल में फोर्स और स्थानीय पुलिस के लगातार चलाए जा रहे आपरेशन के बाद नक्सली बैकफुट पर थे। कोई बड़ी वारदात करने में सफलता नहीं मिल रही थी। ऐसे में लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में आपरेशन किया गया।

सूत्रों की मानें तो अप्रैल के पहले सप्ताह मेें नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी की एक बैठक अबूझमाड़ के घने जंगलों के बीच गरपा इलाके में हुई। इसी बैठक में एक दर्जन से ज्यादा बड़े आपरेशन और जनअदालत लगाकर अपनी धमक दिखाने का फैसला किया गया। सूत्रों की मानें तो बस्तर के नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में पिछले एक महीने में पांच से ज्यादा गांवों में जनअदालत लगाई थी। इसकी खबरें अब छनकर जंगलों से बाहर आ रही हैं।

सेंट्रल कमेटी की तीन दिन तक चली थी बैठक

खुफिया इनपुट की मानें तो नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी की बैठक अबूझमाड़ में तीन दिन तक चली। कुतूल और पदमकोट में बड़े नक्सलियों की पहले बैठक हुई थी, जिसके बाद सेंट्रल कमेटी की बैठक में भाभरागढ़ हमले का बदला लेने का प्लान तैयार किया गया। इस बैठक में नक्सली कमांडर नंबला केशव राव सहित बड़े नेता शामिल थे।

बटालियन नंबर एक और सेंट्रल रीजनल कमांड ने किया हमला

गढ़चिरौली में ब्लास्ट करने में नक्सलियों की बटालियन नंबर एक और सेंट्रल रीजनल कमांड ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के नक्सलियों के साथ मिलकर ये टीम गढ़चिरौली ब्लास्ट में शामिल थी। इस टीम को नक्सली कमांडर मंगेश लीड कर रहा था। हालांकि छत्तीसगढ़ पुलिस इन दावों को खारिज कर रही है। बस्तर आइजी विवेकानंद ने कहा कि गढ़चिरौली राजनांदगांव का बार्डर है, ऐसे में अबूझमाढ़ की टीम इसमें शामिल होने की संभावना कम है।
-एजेंसी

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