IL&FS से छिनेगा जम्मू-कश्मीर की जोजिला सुरंग का जो ठेका

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में रणनीतिक अहमियत वाली जोजिला सुरंग का जो ठेका इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग ऐंड फाइनैंशल सर्विसेज (IL&FS) को दिया गया था, उसके लिए फिर से बोली मंगाई जा सकती है। सरकार ने कर्ज से बेहाल IL&FS के नए बोर्ड से पूछा है कि इस प्रोजेक्ट पर कितनी जल्दी काम शुरू हो सकता है? जोजिला प्रोजेक्ट के तहत 14.2 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जानी है, जो सड़क मार्ग के लिए सबसे लंबी टनल होगी। यह सुरंग 11,578 फुट की ऊंचाई पर स्थित श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाई जाएगी। IL&FS ने पिछले साल यह ठेका हासिल किया था और इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई में कश्मीर यात्रा के दौरान किया था।
तय समय पर काम पूरा न होने का डर
IL&FS के वित्तीय संकट में फंसने के बाद रोड ट्रांसपोर्ट और हाइवे मिनिस्ट्री को यह डर सता रहा है कि इस प्रोजेक्ट का काम शायद तय समय पर पूरा न हो पाए। नेशनल हाइवेज ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन मिनिस्ट्री की तरफ से इस प्रोजेक्ट को हैंडल कर रहा है। एक सीनियर गवर्नमेंट ऑफिसर ने बताया, ‘हमने उनसे (IL&FS) पूछा है कि क्या वे प्रोजेक्ट को हैंडल करने में सक्षम हैं? सरकार इसमें देरी बर्दाश्त नहीं कर सकती। अगर इसकी आशंका होगी तो हम प्रोजेक्ट के लिए नए सिरे से बोली मंगाएंगे।’
ज्वाइंट मैकेनिज्म बनाने का सुझाव
अधिकारी के मुताबिक, मंत्रालय IL&FS की मदद करना चाहता है। कंपनी के पास जो नेशनल हाइवेज प्रॉजेक्ट्स हैं, उनके लिए उसने जॉइंट मैकनिज्‍म बनाने का सुझाव दिया है। IL&FS का नया बोर्ड उम्मीद कर रहा है कि पुराने हाइवेज प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी बेचने से कंपनी को 20 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे।
उन्होंने बताया, ‘अगर वे ऑपरेशनल नेशनल हाइवे प्रॉजेक्ट्स को बेचना चाहते हैं, तो हम उसके लिए तुरंत मंजूरी देंगे। हम आर्बिट्रेशन केस को भी जल्द-से-जल्द सुलझाना चाहते हैं।’
IL&FS के पास 17 NH प्रोजेक्ट
IL&FS और उसकी सब्सिडियरीज के पास 17 नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट्स हैं। इनमें से चार निर्माणाधीन हैं। इन प्रोजेक्ट्स की लागत कम-से-कम 15 हजार करोड़ रुपये होगी। जोजिला सुरंग बनाने का ऐलान पहली बार यूपीए 2 सरकार के कार्यकाल में हुआ था। उसके बाद आई एनडीए सरकार ने 2016 में इस प्रॉजेक्ट को आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर को दिया था, लेकिन इस टेंडर को बाद में कैंसल कर दिया गया। उसके बाद सरकार ने प्रॉजेक्ट को इंजिनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन मॉडल पर बनवाने का निर्णय लिया, जिसके लिए IL&FS की सब्सिडियरी ने बोली जीती।
2025 की है समय-सीमा
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की ओरिजिनल डेडलाइन साल 2025 है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट्स पर अब तक प्रगति नहीं हुई है जबकि इसकी रणनीतिक तौर पर और लद्दाख के लिए सामाजिक-आर्थिक तौर पर काफी अहमियत है। अभी जोजिला पास को पार करने में साढ़े तीन घंटे का समय लगता है। सुरंग बनने के बाद यह सफर 15 मिनट का रह जाएगा। IL&FS पर 91 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है और कुछ बैंक लोन पर डिफॉल्ट करने के बाद कंपनी संकट में फंस गई थी। इस संकट से उबारने के लिए सरकार ने कंपनी के पिछले बोर्ड को हटाकर उदय कोटक की अगुवाई में नया बोर्ड बनाया है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »