Jhulan Goswami ने लिया टी-20 से संन्यास

भारतीय महिला क्रिकेटर Jhulan Goswami के नाम भारत की तरफ से टी-20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है

मुम्बई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज Jhulan Goswami ने टी-20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है।  35 साल की झूलन ने 68 टी-20 मैचों में 56 विकेट हासिल किए हैं, जिनमें 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 में पदार्पण किया था और इस वर्ष जून में बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी टी-20 मैच खेला था।

झूलन गोस्वामी ने टी-20 में अपनी सफलता के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और टीम साथियों को धन्यवाद दिया है। बीसीसीआई और पूरी महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट में उनके योगदान के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है और भविष्य के लिए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी है।

वनडे क्रिकेट में अब तक सर्वाधिक विकेट ले चुकीं झूलन ने 169 मैचों में 203 विकेट हासिल किए हैं। इसके अलावा उन्होंने 10 टेस्ट मैचों में 40 विकेट चटकाए हैं। बता दें कि झूलन टी-20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से सर्वाधिक (56) विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम रखती हैं। वनडे में सर्वाधिक विकेट (203) का वर्ल्ड रिकॉर्ड झूलन ने ही बनाया है।
पद्मश्री से सम्मानित हैं झूलन गोस्वामी
35 साल की झूलन अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट में अब तक सबसे ज्यादा विकेट ले चुकी हैं। उनके नाम अब 169 मैचों में 203 विकेट दर्ज हैं। उन्होंने यह उपलब्धि इस वर्ष फरवरी में हासिल की थी। झूलन को पिछले साल वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर का सम्मान मिला था। 25 नवंबर 1982 को झूलन का जन्म कोलकाता में हुआ। उन्होंने अपना पहला वनडे मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 2002 में खेला था।

झूलन गोस्वामी 2007 में आईसीसी क्रिकेटर ‘ऑफ द ईयर’ चुनी गई थीं. 2007 में आईसीसी वुमंस क्रिकेटर ‘ऑफ द ईयर’ चुने जाने के बाद उन्हें टीम का कप्तान बना दिया गया। 2010 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार और 2012 में पद्मश्री से नवाजा गया।

15 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया
झूलन पश्चिम बंगाल के नाडिया जिले के एक छोटे से गांव में पैदा हुईं एक फुटबॉल फैन के रूप में बड़ी होने लगीं लेकिन संयोग से 1997 का महिला वर्ल्ड कप फाइनल झूलन के होम ग्राउंड ईडन गार्डन, कोलकाता में खेला जाना था। यह मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच था। यहां झूलन ने बॉल गर्ल के रूप में काम किया। इस मैच में बेलिंडा क्लार्क, डेबी हॉकी और कैथरीन फिट्जपैट्रिक जैसी बड़ी खिलाड़ियों को देखकर उन्होंने तय किया कि वह क्रिकेट में ही अपना करियर बनाएंगी।

क्रिकेटर बनने का सपना नहीं छोड़ा
झूलन सुबह 4.30 पर उठतीं और लोकल ट्रेन से प्रेक्टिस सेशन में पहुंचतीं। वह कोलकाता से 80 किलोमीटर दूर रहती थीं।  कई बार ट्रेन मिस हो जाने के कारण वह प्रेक्टिस सेशन में नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन क्रिकेटर बनने का सपना उन्होंने कभी नहीं छोड़ा। कभी निराश नहीं हुईं। झूलन के माता-पिता चाहते थे कि वह क्रिकेट से ज्यादा पढ़ाई पर अपना ध्यान लगाएं।

कोजी के नाम से हैं फेमस
झूलन को प्यार से कोजी के नाम से जाना जाता है।  झूलन के सपना था कि 2017 का महिला वर्ल्ड कप जीतें, लेकिन उनकी टीम फाइनल में इंग्लैंड से हार गई।  झूलन के बारे में एक बार उनके एक संबंधी ने कहा था कि झूलन तुम एक अच्छी किक्रेटर हो लेकिन उससे भी अच्छी आप एक इंसान हो। यह उन्हें मिला अब तक का सबसे अच्छा कॉम्प्लीमेंट था।
-Sport Desk : Legend News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »