Jayant Chaudhary ने मोदी को दी बधाई, कार्यकर्ताओं को दिया भावुक संदेश

नई दिल्‍ली। रालोद उपाध्यक्ष Jayant Chaudhary ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी साथ ही रालोद कार्यकर्ताओं को भी एक भावुक संदेश दिया जिसे उन्‍होंने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है। अपने भावनात्मक बयान में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में बहुत बड़ी जीत हासिल की है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देता हूं।

Jayant Chaudhary ने नवनिर्वाचित सांसदों को बधाई देते हुए कहा कि देश को उम्मीद है कि सभी नवनिर्वाचित सांसद किसानों, गरीबों व व्यापारियों के लिए काम करेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में हम भी योगदान देते रहेंगे।

इसके अलावा Jayant Chaudhary ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप से मेरा संदेश है ‘जो हारा नहीं, वो जिया नहीं’। इसलिए जीवन में हार भी होती है और जीत भी होती है। हमें इससे सबक लेनी चाहिए। जीवन के हर मोड़ पर आत्म सुधार की संभावनाएं होती हैं। मैं बिल्कुल भी निराश नहीं हूं। आपसे वादा करता हूं कि हम समय के साथ फिर दोबारा जनता के बीच आएंगे और संघर्ष करेंगे। राष्ट्र निर्माण में भी योगदान देते रहेंगे।

जयंत चौधरी ने कहा कि देश को पीएम मोदी से उम्मीद है कि वह किसानों, गरीबों व व्यापारियों के लिए काम करेंगे। किसानों को उनका हक देंगे। इसके बाद उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने प्रभावी रूप से जमीन पर बहुत मेहनत की है। मैं सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देता हूं। जयंत चौधरी ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव-2019 में चौधरी अजित सिंह और उनके बेटे जयंत चौधरी को हार का सामना करना पड़ा है। माना जा रहा है कि ये हालात जाटों की नाराजगी की वजह से है।

मुजफ्फरनगर दंगे के बाद अर्श से फर्श पर पहुंची जाटलैंट के चौधरी परिवार की सियासत एक बार फिर कमजोर साबित हुई है। लोकसभा चुनाव में उनकी विरासत भी चली गई और सियासत जीरो हो गई। तीनों सीट हारकर एक बार फिर उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल का सूपड़ा साफ गया। ये हालात उनके अपनों (जाटों) के सितम से बने हैं। हालांकि, समीकरण के लिहाज से गैर माने जाने वालों ने उन पर खूब करम किया।

वेस्ट यूपी में चौधरी चरण सिंह परिवार लंबे वक्त से सियासत का राजा रहा लेकिन इस बार खुद की सियासत बचाने के लिए न तो बागपत से मुजफ्फरनगर सीट बदलना काम आया और न बेटे जयंत को विरासत वाली सीट बागपत पर उतारना। जयंत इससे पहले मथुरा से एक बार सासंद रहे और साल 2014 में हेमा मालिनी से हार गए थे। विरासत वाली सीट बागपत पर चौधरी चरण सिंह और अजित सिंह कई बार सांसद रहे थे लेकिन इस बार फिर बीजेपी के सत्यपाल सिंह ने इस लोकसभा सीट पर जीत दर्ज कर ली।

-एजेंसी

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