एशियन लिटरेरी सोसाइटी ने मनाया जश्न-ए-आज़ादी

नई द‍िल्ली। नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से रु-ब-रु कराने एवं देश के वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि देने हेतु एशियन लिटरेरी सोसाइटी (ए.एल.एस) ने 13 अगस्त से 15 अगस्त 2020 तक तीन दिवसीय जश्न-ए-आज़ादी कार्यक्रम का आयोजन किया। इस महोत्सव में देश भर के जाने-माने साहित्यकार एवं कलाकार वीडियो स्ट्रीमिंग के माध्यम से सम्मिलित हुए।

श्री मनोज कृष्णन (संस्थापक, एशियन लिटरेरी सोसाइटी एवं लेखक) ने जश्न-ए-आज़ादी में सभी गणमान्य अतिथियों एवं कलाकारों का स्वागत किया। इस समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. बाल्मीकि प्रसाद सिंह (सिक्किम के पूर्व राज्यपाल) तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. वर्षा दास (पूर्व निदेशिका, राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय), “पद्म विभूषण” डॉ. आर. चिदंबरम (पूर्व प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, भारत सरकार) एवं सुश्री मीनाक्षी नटराजन (पूर्व संसद सदस्या) थे। इन गणमान्य अतिथियों ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर विज्ञान एवं तकनिकी क्षेत्र में भारत की उपलब्धि सम्बंधित विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर डॉ. अमरेन्द्र खटुआ (पूर्व सचिव, एमईए) और प्रो. नंदिनी साहू (निदेशिका, स्कूल ऑफ फॉरेन लैंग्वेजेज, इग्नू) ने स्वतंत्रता से पूर्व एवं पश्चात् के भारत के साहित्यिक स्वरुप विषय पर चर्चा की।

डॉ. वेद प्रताप वैदिक (वरिष्ठ पत्रकार और भारतीय भाषा सम्मेलन के अध्यक्ष), कर्नल डी.एस. चीमा (प्रख्यात लेखक) डॉ. माधवी मेनन (भरतनाट्यम नर्तकी और प्राध्यापिका, नोवा साउथईस्टर्न यूनिवर्सिटी, यू.एस.ए) ने भी दर्शकों को संबोधित किया। प्रसिद्ध कवयित्री सुश्री नीतू सिंह राय एवं सुश्री रेणु हुसैन ने अपने शानदार काव्य-प्रस्तुति से दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।

जश्न-ए-आज़ादी महोत्सव की सुरमई शामों के एक और आकर्षण ए.एल.एस परफॉर्मिंग आर्ट्स ग्रुप के कलाकार थे। सुश्री मणि सक्सेना, श्री निलेश सावंत, श्री कुणाल ध्रू , सुश्री अतुल्या नायर वी. एच., डॉ. बिशाखा सरमा और श्री अरविंद पटोले ने देशभक्ति में रंगी हृदयस्पर्शी गायन एवं संगीत प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सुश्री मंदिरा घोष (लेखिका), सुश्री किरण बाबल (लेखिका), सुश्री वंदना भसीन (लेखिका), सुश्री बीना पिल्लई (लेखिका), डॉ. स्वास्ति धर (प्राध्यापिका, मुंबई विश्वविद्यालय), सुश्री अनीता चंद (लेखिका), सुश्री लिप्पी परीदा (लेखिका) और सुश्री मीना मिश्रा (सीईओ, इम्फिश लैस पब्लिशिंग हाउस) ने जश्न-ए-आज़ादी महोत्सव के दौरान विभिन्न सत्रों का संचालन किया।

सभी कलाकारों को श्री मनोज कृष्णन द्वारा जश्न-ए-आज़ादी के अंत में सम्मानित किया गया।

एशियन लिटरेरी सोसाइटी की जश्न-ए-आज़ादी महोत्सव को दुनिया भर के पाठकों एवं दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और उन्होंने कोरोनोवायरस महामारी के समय ए.एल.एस की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

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