नगरोटा आर्मी कैंप पर हुए हमले में था जैश-ए-मोहम्मद का हाथ

श्रीनगर। नगरोटा आर्मी कैंप पर 2016 में हुए हमले के पीछे पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हमले में आरोपी तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन आतंकियों ने खुलासा किया है कि हमले के वक्त वे लगातार पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों के संपर्क में थे। बता दें कि नगरोटा आर्मी कैंप में हुए हमले में 2 मेजर समेत 7 जवान शहीद हो गए थे।
एनआईए ने तीन आतंकियों को किया गिरफ्तार
एनआईए ने कश्मीर से आशिक बाबा, तारिक अहमद डार और मुनीर-उल-हसन को गिरफ्तार किया है। इन आतंकियों ने खुलासा किया है कि हमले के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों उन्हें निर्देश दे रहे थे।
अफजल का बदला लेने के लिए किया गया था हमला
नगरोटा आर्मी कैंप पर आतंकी हमले के बाद जांच कर रही टीम को कुछ पर्चे मिले थे। इनमें उर्दू में लिखा था, “अफजल गुरू को मारने का बदला लेने की पहली किस्त।”
सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक सर्च के दौरान मिले सामान पर मेड इन इंडिया लिखा था। इस हमले को स्थानीय आतंकियों के सपोर्ट से अंजाम दिया गया था। इस हमले की साजिश 6 दिन में रची गई थी।
बता दें कि 2001 में हुए संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को 9 फरवरी 2013 में फांसी दे दी गई थी।
कब-कैसे घुसे थे आतंकी, कैसे किया हमला?
29 नवंबर 2016 को सुबह 5:30 बजे आर्मी कैम्प के मेन गेट पर ग्रेनेड फेंके और कैम्प में घुस गए थे। आतंकियों ने ऑफिसर्स मेस में घुसने की कोशिश की थी। 3-4 घंटे चली फायरिंग में 2 अफसर समेत 7 जवान शहीद हो गए थे। आतंकियों ने जवानों के परिवार को बंधक बना लिया था। लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें जल्द ही छुड़ा लिया था।
वहीं हमले के बाद जवाबी कार्यवाही में सुरक्षाबलों ने 3 फिदायीनों को मार गिराया था।
-एजेंसी

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