जापानी संसद की घोषणा: उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण जापान के लिये आसन्न खतरा, बातचीत निरर्थक

तोक्यो। जापान की संसद ने सोमवार को घोषणा की कि उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण जापान के लिये आसन्न खतरा है। प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा कि उत्तर कोरिया से बातचीत निरर्थक है। उच्च सदन ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें उत्तर कोरिया के अंतर महाद्वीपीय बलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण को लेकर विरोध जताया गया। यह मिसाइल जापान के आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में सागर में गिरा था।
इस परीक्षण ने दर्शाया कि प्योंगयांग अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को जारी रखने को लेकर प्रतिबद्ध है और जापान समेत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अप्रत्याशित, महत्वपूर्ण और निकटतम खतरा है। प्रस्ताव में कहा गया, ‘यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिये एक चुनौती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।’ गत बुधवार को मिसाइल प्रक्षेपण के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव काफी बढ़ गया है। सोमवार को अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने सबसे बड़ा संयुक्त हवाई युद्धाभ्यास शुरू किया था। इसे प्योंगयांग ने बड़ा उकसावा करार दिया था।
आबे ने उत्तर कोरिया पर दबाव डालने का संकल्प लिया ताकि वह अपना रास्ता बदले और अपने मिसाइल एवं परमाणु प्रौद्योगिकी कार्यक्रम को अपरिवर्तनीय तरीके से त्याग दे। उन्होंने उच्च सदन में कहा, ‘उत्तर कोरिया पर अपनी नीतियां बदलने का दबाव डालने के लिए हमें अपनी कूटनीति में ठोस रवैया अपनाना चाहिए।’ आबे ने कहा, ‘केवल बात के लिए बातचीत निरर्थक है। उत्तर कोरिया को लेकर वैश्विक चिंता इस साल बढ़ गई है। अमेरिका ने पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र सदस्यों से आह्वान किया था कि वे उसके साथ संबंध विच्छेद करें ताकि उत्तर कोरिया को मजबूर किया जा सके।
-एजेंसी