जम्‍मू-कश्‍मीर के गवर्नर ने बताया, क्‍यों बुलाई गई है एडिशनल सेंट्रल फोर्स

श्रीनगर। पुलवामा हमले के बाद से सभी की निगाहें जम्मू-कश्मीर पर ही अटकी हैं। ऐसे में वहां होने वाली हर हलचल से सुगबुगाहट शुरू हो जाती है। प्रशासन के शनिवार को पेट्रोल-डीजल की सीमित आपूर्ति करने का आदेश देने के बाद कई तरह की अफवाहें उड़ने लगीं। ऐसे में प्रदेश के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सभी अफवाहों पर विराम लगाया है और लोगों से शांत रहने की अपील की है।
लोकसभा चुनाव से पहले खतरे के कारण बढ़ी सुरक्षा
मलिक ने राज्य प्रशासनिक काउंसिल की अनौपचारिक बैठक बुलाई और पुलवामा हमले के बारे में जानकारी लीं। उन्होंने बताया कि चुनाव के लिए एडिशनल सेंट्रल फोर्सेज की 100 कंपनियों को बुलाया गया और भी कंपनियां आने वाले हफ्तों में बुलाई जाएंगी। लोकसभा चुनाव को देखते हुए आतंकवादी हमले के बढ़े खतरे के कारण एडिशनल पुलिस फोर्स की जरूरत होगी।
नेशनल हाइवे बंद होने से स्टॉक खत्म
राज्यपाल ने लोगों से अपील की है कि फोर्सेज को लाए जाने को सिर्फ चुनाव की नजर से देखा जाए। राज्यपाल लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है। पिछले कई दिन से नेशनल हाइवे बंद होने से एलपीजी का स्टॉक खत्म हो गया है। इससे जम्मू से श्रीनगर सप्लाइ नहीं पहुंच रहीं। सरकार कश्मीर तक सामान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर ने पेट्रोल और डीजल सप्लाइ को राशन कर दिया है ताकि बची हुई सप्लाइ को आपातकाल की स्थिति में इस्तेमाल किया जा सके। घाटी में स्टॉक बढ़ाने के लिए सरकार कदम उठा रही है। लोगों को विश्वास करना चाहिए कि यह कमी के हालात से निपटने की कोशिश है। यही बात दवाइयों के साथ भी है।
-एजेंसियां

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