जम्मू-कश्मीर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहली बैठक में कहा, मेरे दरवाजे 24 घंटे खुले

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को श्रीनगर में लोकतांत्रिक संस्थानों के निर्वाचित प्रतिनिधियों से पहली बैठक की है। मनोज सिन्हा का यह पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था। श्रीनगर के एसकेआईसीसी में सीधा संवाद हुआ। जिसमें करीब 200 प्रतिनिधि मौजूद थे। इस दौरान प्रतिनिधियों की तरफ से अपने मुद्दों पर जानकारी दी गई।
करीब तीन घंटे तक उपराज्यपाल इस बैठक में मौजूद रहे। प्रतिनिधियों को सुनने के बाद सिन्हा ने कहा कि उनके दरवाजे सभी के लिए 24 घंटे खुले हैं। कोई भी कभी भी उनसे मिलने के लिए आ सकता है। वह हमेशा लोगों के हित के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जेके यूटी तरक्की की राह पर चल रही है। इसकी गति को और बढ़ाया जाएगा। माननीय पीएम नरेन्द्र मोदी जैसा जेके देखना चाहते हैं, इसे वैसा ही बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मैं यहा से एक रुपया लेकर नहीं जाऊंगा और प्रदेश के लिए आया एक-एक रुपया यहां पर लगेगा। अब यहां पर भ्रष्टचार को चलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर ने लंबे समय तक आतंकवाद को सहन किया है। यहां पर कई प्रकार के विकास की जरूरत है, जिसे केन्द्र की तरफ से किया जा रहा है। इस दौरान उनका कहना था कि प्रतिनिधियों का वेतन बढ़ाया जाएगा। इसके लिए केन्द्र में बात की जाएगी।
प्रतिनिधियों की सराहना
सिन्हा ने कहा कि कोरोना के दौर में जिस प्रकार से प्रतिनिधियों की तरफ से काम किया जा रहा है, वह सराहनीय है और ऐसे काम की हमेशा प्रशंसा की जाएगी। इस समय कोरोना के कारण कई काम अटके हुए हैं, जिन्हें जल्द फिर से शुरु कर लिया जाएगा। उन्होंने प्रतिनिधियों को कहा कि उन्हें और पावर दी जाएगी। उनका कहना था कि वह प्रदेश में विकास चाहते हैं इसलिए उसी हिसाब से काम किया जाएगा।
जम्मू नगर निगम के वार्ड संख्या-68 के काउंसलर अनिल कुमार इस बैठक में भाग लेने के लिए गए हुए थे। उन्होंने बताया कि वह 10 बजे सुबह बैठक के लिए बैठ गए थे। करीब 11 बजे उपराज्यपाल आए। उसके बाद बैठक शुरु हुई।
हमले पर क्या बोले एलजी
उपराज्यपाल के प्रतिनिधियों की तरफ से कश्मीर में हमलों के मामले को उठाया गया। जिसमें नेताओं की तरफ से कहा गया कि आतंकी पंचायत सदस्यों तथा राजनीतिक दलों के नेताओं पर हमले कर रहे हैं। कश्मीर में एक माह में पांच हत्याएं की गई हैं। इस पर सिन्हा ने कहा कि सुरक्षाबलों के साथ इस बारे में बात चल रही है। उसके बाद जरूरत के अनुसार नेताओं को सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
प्रतिनिधियों को मिलेगी और पावर
उपराज्यपाल ने बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों को कहा कि अन्हें आने वाले समय में और पावर प्रदान की जाएगी जिससे कि वह अपने इलाकों का विकास करवा सकें। उनके इलाके में होने वाले हर विकास के काम में उनकी भागीदारी होगी क्योंकि स्थानीय नेता होने के कारण उन्हें पूरा पता होता है कि कहां पर किस काम की जरूरत है। उन्हें हर विकास के काम में शामिल किया जाएगा।
दिल्ली से लौटते ही हुई बैठक
उपराज्यपाल दो दिनों तक दिल्ली में रहे हैं। वहा पर उन्होंने राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, पीएम, गृह मंत्री समेत कई केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात की है। उसके बाद वह श्रीनगर वापस लौटे और फिर पहली बैठक की गई है।
-एजेंसियां

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