जम्‍मू-कश्‍मीर: गृह मंत्रालय ने पुलिस कर्मियों के इस्‍तीफे की खबरों को प्रोपेगेंडा बताया

श्रीनगर। गृह मंत्रालय ने जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के जवानों द्वारा इस्‍तीफा दिए जाने की खबर को खारिज किया है। गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के हवाले से कहा है कि यह रिपोर्ट गलत और प्रायोजित हैं। इस तरह की रिपोर्ट कुछ शरारती तत्वों द्वारा गलत प्रोपेगेंडा पर आधारित हैं।
गृह मंत्रालय ने कहा, ‘यहां 30 हजार से ज्यादा एसपीओ तैनात हैं, जिनकी सेवाएं समय-समय पर रिव्यू की जाती है, लेकिन कुछ शरारती तत्व यह फैला रहे हैं कि जिन लोगों का कार्यकाल प्रशासनिक कारणों से नहीं बढ़ाया गया उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।’
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकियों द्वारा 3 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद से पूरे देश में आक्रोश फैला हुआ है। जम्मू-कश्मीर पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। खबर है कि दो पुलिसकर्मियों ने विभाग को वीडियो मेसेज के जरिए इस्तीफा सौंप दिया है।
बता दें कि शुक्रवार सुबह के शुरुआती घंटों में आतंकियों ने पुलिसकर्मियों को उनके घरों से अगवा कर लिया था। इसके कुछ देर बाद उनके शव एक बाग में मिले। मारे गए पुलिसकर्मियों की पहचान कॉन्स्टेबल निसार अहमद और दो स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) फिरदौर अहमद और कुलवंत सिंह के रूप में हुई। इस जघन्य कांड के बाद मीडियो रिपोर्ट्स में इस्तीफा देने वालों की अलग-अलग संख्या बताई गई है।
गांव वालों ने आतंकियों से लगाई गुहार
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें बाटागुंड और कपरान गांव स्थित उनके घर से शुक्रवार सुबह अगवा किया गया था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने उन्हें ढूंढने के लिए गहन छानबीन शुरू की थी लेकिन आतंकियों ने उनकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। उनके शव वांगम में एक बाग से बरामद किए गए।
पुलिस ने बताया बाटागुंड गांव के लोगों ने भी आतंकियों का पीछा किया था और पुलिसकर्मियों की रिहाई के लिए अपील की थी लेकिन आतंकियों ने ग्रामीणों को डराने के लिए हवा में फायरिंग कर दी। हिज्बुल मुजाहिदीन के कथित ट्विटर हैंडल से घटना की जिम्मेदारी ली गई।
वीडियो मेसेज हुआ था वायरल
बताया जा रहा था कि साथियों की हत्या से निचली रैंक के पुलिसकर्मियों में दहशत पैदा हो गई और करीब दो पुलिसकर्मियों ने वीडियो मेसेज जारी कर खुद को फोर्स से अलग करने की घोषणा की। सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया है, ‘मेरा नाम इरशाद अहमद बाबा है और मैं पुलिस में कॉन्स्टेबल पद पर हूं। मैं अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं….।’
जम्मू-कश्मीर पुलिस के एसपीओ तजाल्ला हुसैन लोन ने कहा कि उन्होंने 17 सितंबर को पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया और वह ये वीडियो इसलिए जारी कर रहे हैं ताकि उनके इस कदम को लेकर किसी तरह का कोई शक नहीं बना रहे।
महबूबा मुफ्ती ने जताया खेद
बता दें कि हिज्बुल मुजाहिदीन कमांडर रियाज नायकू ने कई बार स्थानीय पुलिसकर्मियों खासकर एसपीओ को नौकरी छोड़ने की धमकी दी थी और कहा था कि सरकार उनका इस्तेमाल कर रही है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी ट्विटर पर इस घटना पर खेद जताया।
‘सरकार की नीतियां काम नहीं कर रहीं’
उन्होंने लिखा, ‘3 पुलिसकर्मियों ने आतंकवादियों की गोलियां खाकर अपनी जान गंवा दी। हमेशा की तरह गुस्सा, दुख और निंदा जैसे शब्द सुनने को मिलेंगे, लेकिन दुर्भाग्य से इससे मृतकों के परिवारों को सांत्वना नहीं मिलेगी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘स्पष्ट रूप से पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के अपहरण की घटनाओं में वृद्धि के साथ केंद्र सरकार की नीति बिल्कुल काम नहीं कर रही है। संवाद अब एकमात्र रास्ता प्रतीत होता है।’
-एजेंसियां

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