जामिया की वीसी को पद पर रहने का अधिकार नहीं: ओवैसी

नई दिल्‍ली। जामिया में पुलिस एक्शन पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। एक मीडिया चैनल के कार्यक्रम में एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी ने घटना को दुखद करार देते हुए वीसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अंसवैधानिक नागरिकता कानून का विरोध करने का अधिकार छात्रों को है। लोकसभा सांसद ने कहा कि छात्राओं के हॉस्टल में पुलिस घुस गई। छात्रों को लाइब्रेरी में पीटा गया, ऐसे हालात में वीसी को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
जामिया की वीसी पर ओवैसी ने साधा निशाना
जामिया में पुलिस कार्यवाही को हिंसक करार देते हुए ओवैसी ने नागरिकता कानून और मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। लोकसभा सांसद ने कहा, ‘सरकार सत्ता के नशे में चूर हो गई है। मजहब के आधार पर कानून बनाना गलत है, लेकिन इसका विरोध करने वाले छात्रों को पुस्तकालय से घसीटकर पीटा जा रहा है। लड़कियों के हॉस्टल में घुसकर पुलिस ने पीटा। वीसी के रहते हुए कैंपस में पुलिस ने कैसे प्रवेश किया? इस हालात में वीसी को पद पर रहने का अधिकार नहीं है।’
नागरिकता कानून को बताया, संविधान का उल्लंघन
लोकसभा में भी नागरिकता बिल का विरोध करने के बाद ओवैसी सार्वजनिक मंच पर भी जोरदार विरोध कर रहे हैं। मीडिया चैनल से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘इसमें शक की कोई गुंजाइश ही नहीं है कि सरकार मज़हब के आधार पर देशवासियों को बांट रही है। धर्म के आधार पर कानून लाना इस देश के संविधान का उल्लंघन है। गृहमंत्री कह रहे हैं कि एनआरसी पूरे देश में लागू करेंगे। जो 8% छूट गए हैं उनके लिए क्या व्यवस्था करेंगे?’
विपक्षी दल आज राष्ट्रपति से मिलेंगे
जामिया यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई हिंसा पर विपक्षी दल हमलावर हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, लेफ्ट पार्टियों समेत अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधि आज राश्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी चिंता जाहिर करेंगे। कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि बीजेपी पूरे देश में बांटने की राजनीति कर रही है। विरोध करनेवाले छात्रों को बर्बरता से पीटा जा रहा है।
वीसी डॉक्टर नजमा अख्तर ने अफसोस जताया
दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्विद्यालय जामिया मिलिया इस्लामिया में पुलिस कार्यवाही और प्रदर्शन पर वीसी डॉक्टर नजमा अख्तर ने अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि हमारे छात्रों पर जो कार्यवाही हुई है, इससे हम आहत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जामिया में हुई हिंसा का नुकसान कैसे होगा। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। आगजनी की घटना में छात्रों के शामिल होने से भी वीसी ने इंकार किया।
‘पुलिस के खिलाफ आज दर्ज कराएंगे FIR’
यूनिवर्सिटी में पुलिस कार्यवाही के खिलाफ शिकायत करने की बात वीसी प्रोफेसर अख्तर ने कही। उन्होंने कहा, ‘हमारी यूनिवर्सिटी का बहुत नुकसान हुआ है, इसकी भरपाई कैसे होगी? इसके साथ ही जो हमारे बच्चों का भावनात्मक नुकसान हुआ है और उनके साथ हिंसा हुई है, हम उसके लिए बहुत चिंतित हैं। हम यूनिवर्सिटी के अंदर पुलिस की एंट्री के खिलाफ आज एफआईआर दर्ज कराएंगे।’
छात्र की मौत की खबर को वीसी ने बताया अफवाह
यूनिवर्सिटी की वीसी ने कहा, ‘ऐसी घटनाएं होती हैं तो अफवाह भी उड़ती हैं। अब एक अफवाह है कि एक बच्चे की मौत हो गई है। इस तरह की खबरों पर यकीन न करें। हमारे बच्चों को पुलिस अपने साथ कल लेकर गई थी, हमारा पूरा स्टाफ कल रात भर उन्हें सुरक्षित वापस लौटाने में लगा था। हमारे पास बयान जारी करने के लिए वक्त नहीं था। सभी घायल छात्रों का इलाज चल रहा है, उनकी अपने पेरैंट्स से बात कराई गई है। ज्यादातर छात्र हैं, लेकिन कुछ बाहर के भी बच्चे हैं उन्हें भी छुड़ाया गया। भले ही हमारे यूनिवर्सिटी के बच्चे नहीं हैं, लेकिन किसी के तो बच्चे हैं।’
जामिया को निशाना बनाने का आरोप, जांच की मांग
वीसी ने कहा कि जामिया की गिनती देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में होती है। उन्होंने कहा, ‘देश भर के कई हिस्सों से बच्चे यहां पढ़ने के लिए आते हैं। जबरन जामिया का नाम खराब करने की कोशिश हो रही है। हमारे विश्वविद्यालय की छवि को चोट पहुंचाने के लिए निशाना बनाया जा रहा है। हम इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग करते हैं।’
-एजेंसियां

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