राफेल डील पर जेटली का पलटवार: कहा, कई रक्षा सौदों के षड्यंत्रकारी उठा रहे हैं सवाल

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के राफेल डील को लेकर लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया. उन्‍होंने कहा कि कुछ लोग केवल पैसों की भाषा समझते हैं. जेटली ने कहा कि कई रक्षा सौदों के षड्यंत्रकारियों का यह दुस्साहस है कि वे दूसरों पर सवाल उठा रहे हैं.
इससे पहले कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील पर चर्चा के दौरान आरोप लगाया था कि इस मामले में ‘पूरी दाल काली’ है और अब पूरा देश प्रधानमंत्री से सवाल पूछ रहा है कि किसके कहने पर राफेल का सौदा बदला गया. उन्होंने दावा किया कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच से ही इस मामले में ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ हो जाएगा.
इसके जवाब में जेटली ने कहा कि राहुल गांधी ने देश को निराश किया है. उन्‍होंने कहा, ‘कुछ लोगों का स्‍वभाव ही सच को नापसंद करना होता है. इनकी (गांधी परिवार) विरासत यही रही है. यह सिलसिला सेंट किट्स मामले से शुरू होता है. इसमें भी इनकी बात गलत निकली. फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति मैक्रो के संदर्भ में भी जो बात कही, उसे गलत बताया गया. राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती कैसे दे सकते हैं?’
जेटली ने बोफोर्स मामले के बिचौलिए ओतावियो क्वात्रोची का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा, ‘जब राहुल छोटे थे तो क्‍या वे ‘क्‍यू’ की गोद में खेला करते थे? यह नाम अक्‍सर भ्रष्‍ट सौदे के दौरान आता रहता है. 2008 में लिखे गए पत्रों में मिसेज गांधी, ‘आर’ और इटेलियन महिला का जिक्र क्‍यों है? ऐसा इसलिए क्‍योंकि ये केवल पैसों की भाषा ही समझते हैं. नेशनल हेराल्‍ड मामला क्‍या है? इस मामले में गांधी परिवार के सदस्‍य जमानत पर चल रहे हैं.’
जेटली ने कहा कि आज ये (राहुल) कोई टेप लेकर आए हैं और इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं क्योंकि वह गलत है. यह पूरी तरह से मनगढंत है. ये बातें गलत और त्रुटिपूर्ण हैं. वित्त मंत्री ने गांधी परिवार पर निशाना साधने के लिये बोफोर्स, अगस्ता वेस्टलैंड और नेशनल हेराल्ड मामले का उल्लेख किया.
वित्त मंत्री ने कहा कि बोफोर्स मामले में ‘क्यू’ के संदर्भ में यह बात सामने आई थी कि इन्हें हर कीमत पर बचाया जाना चाहिए. राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इसलिये इन्हें संक्षेपण और कौमा तथा अंकगणित की समझ ज्यादा है.
जेटली ने कहा कि हेराल्ड मामले में क्या हुआ, किस प्रकार से सम्पत्ति को निजी संपत्ति बना दिया गया. अगस्ता वेस्टलैंड मामले में जिन महाशय को लाया गया है, उससे संबंधित एक ईमेल में ‘मिसेज गांधी’ और ‘आर’ संक्षेपण का इस्तेमाल किया गया है.
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया. अनुबंधन वार्ता समिति, कीमत वार्ता समिति आदि की 74 बैठकें हुई . उच्चतम न्यायालय को इसकी जानकारी दी गई . इसके बाद यह रक्षा खरीद परिषद में गया और फिर सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडल समिति की मंजूरी ली गई .
वित्त मंत्री ने कहा कि 2016 में जो सौदा हुआ, उसके आधार पर बेयर एयरक्राफ्ट (विभिन्न युद्धक प्रणालियों से विहीन विमान) का दाम संप्रग की कीमत से नौ प्रतिशत कम था और हथियारों से युक्त विमान की बात करें तब यह संप्रग की तुलना में भी 20 प्रतिशत सस्ता था.जेटली ने कहा कि क्या एक औद्योगिक घराने को लाभ दिया है. कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को ऑफसेट का पता नहीं है, यह दुख की बात है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बोफोर्स, अगस्ता मामले में जुड़ी है, घोटालों से जुड़ी है. ऑफसेट का मतलब है कि किसी विदेशी से सौदा करते हैं तो कुछ सामान अपने देश में खरीदना होता है. राफेल में 30 से 50 प्रतिशत सामान भारत में खरीदने की बात है.
उन्होंने कहा कि कुल ऑफसेट 29 हजार करोड़ रुपये का और आरोप 1.30 लाख करोड़ रुपये का लगाया जा रहा है. ऑफसेट तय करने का काम विमान तैयार करने वाली कंपनी का है. जेटली ने कहा कि ऐसी नासमझी की एक ऐसे दल के अध्यक्ष से अपेक्षा नहीं है जिसे बड़े बड़े दिग्गज लोगों ने नेतृत्व प्रदान किया.
उन्होंने कहा कि एचएएल 2.7 गुणा अधिक समय मांग रही थी. फौज जल्द विमान मांग रही थी. इस संबंध में 2016 में संप्रग से बेहतर शर्तों पर वर्तमान सरकार के स्तर पर समझौता किया गया. वित्त मंत्री ने कहा कि राफेल विमान के संबंध में उच्चतम न्यायालय संतुष्ट हो गया, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष की चुनावी जरूरत संतुष्ट नहीं हुई.
-एजेंसियां

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