2G के फैसले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया का जेटली ने दिया जवाब, कांग्रेस इसे बेगुनाही का सर्टिफिकेट न माने

नई दिल्ली। 2G घोटाले पर सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस के हमले का जवाब देने के लिए सरकार की ओर से वित्त मंत्री अरुण जेटली सामने आए।
उन्होंने जोर देकर कहा, ‘2G लाइसेंस आवंटन में यूपीए सरकार की तरफ से भ्रष्टाचार किया गया था।’ उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी आवंटन प्रक्रिया को गलत माना था। कांग्रेस नेताओं के आक्रामक रुख को लेकर जेटली ने तंज कसा कि फैसले को तमगा मानकर कांग्रेस खुश हो रही है।
गौरतलब है कि यूपीए-2 सरकार के शासनकाल में 2 जी घोटाले को लेकर जमकर घमासान मचा था। बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था। सीबीआई की विशेष अदालत ने अब इस केस में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इसके बाद से कांग्रेस नेताओं के निशाने पर मोदी सरकार और बीजेपी है। जेटली ने तत्कालीन यूपीए सरकार पर इस पूरे प्रकरण में बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम देने की बात कही।
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी इस फैसले को सम्मान के प्रतीक के तौर पर लेकर चल रही है जबकि हकीकत यह है कि इस पूरे प्रकरण में घोर अनियमितताएं बरती गईं। कांग्रेस इसे अपनी बेगुनाही का सर्टिफिकेट न माने। लाइसेंस आवंटन के लिए यूपीए सरकार का तरीका भ्रष्ट और बेईमानी वाला था जिसे 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने ही खत्म किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस आवंटन प्रक्रिया में बरती गई अनियमितता के आधार पर इसे खत्म किया था।’
वित्त मंत्री ने कहा, ‘2007-08 स्पेक्ट्रम आवंटन का आधार उस वक्त की बाजार कीमतों के आधार पर नहीं दिया गया। उस वक्त की यूपीए सरकार ने 2001 की कीमतों के आधार पर लाइसेंस आवंटित किए। आवंटन नीलामी के जरिए नहीं, बल्कि फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व के आधार पर किया गया। स्पष्ट तौर पर लाइसेंस आवंटन में निजी हितों को तरजीह दी गई।
इतना ही नहीं, जेटली ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेता कोर्ट के फैसले को चाहे अपने लिए सम्मान का प्रतीक मानते हों, हकीकत इससे उलट है। बता दें कि फैसले के बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता इसे अपनी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार का जवाब बता रहे हैं।
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा, ‘हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। यूपीए सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार किया गया। कोर्ट के फैसले से आरोप बेबुनियाद साबित हुए। खराब नीयत से आरोप लगाए गए थे।’ कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि पूर्व सीएजी विनोद राय को देश से माफी मांगनी चाहिए। बता दें कि विनोद राय इस वक्त बीसीसीआई के प्रशासक समिति (सीओए) के प्रमुख हैं।’
-एजेंसी