सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए जयशंकर, इस बार पाकिस्‍तान की ‘नक्‍शेबाजी’ गायब

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस महामारी के बीच आज दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) देशों के विदेश मंत्रियों बैठक हुई। बैठक में भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। इस बार बैठक में एक बदलाव देखने को मिला। पाकिस्तान ने इस बार बैकग्राउंड में किसी तरह का नक्शा नहीं लगाया। बता दें कि पिछली बैठक में भारत ने कड़ा विरोध जताते हुए मीटिंग ही छोड़ दी थी।
दरअसल, पिछली बार पाकिस्तान ने बैठक में एक काल्पनिक नक्शा पेश किया और उसमें भारत की जमीन को भी अपना बता दिया। पाकिस्तान के इस नक्शे के बाद NSA डोभाल ने काफी सख्ती दिखाई पड़ोसी देश के इस काल्पनिक नक्शे का विरोध करते हुए मीटिंग छोड़कर चले गए थे।
इस बार बैकग्राउंड में दिखा नक्शा
गुरुवार को सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी हिस्सा लिया। पाकिस्तान की ओर से भी विदेश मंत्रालय के लोग शामिल हुए। इस दौरान बैकग्राउंड में पाकिस्तान ने कोई नक्शा नहीं लगाया था।
गुजरात का हिस्‍सा भी अपने नक्‍शे में दिखाया था
बता दें जो नक्‍शा पाकिस्‍तान ने प्रदर्शित किया था, उसे हाल ही में संसद में मंजूरी दी गई है। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अनुराग श्रीवास्‍तव ने कहा था कि पाकिस्‍तान के प्रतिनिधि डॉक्‍टर मोईद ने सर क्रीक रेखा के तहत आने वाले हिस्‍सों को भी अपने क्षेत्र में बताने वाले नक्‍शे को मीटिंग में प्रदर्शित किया था। इसके तहत उसने गुजरात के जूनागढ़ पर भी अपना दावा किया है। एनएसए डोवाल इस मीटिंग में पाक के इस नक्‍शे के प्रदर्शित होने के बाद मीटिंग से उठकर चले गए थे।
डोभाल की जगह थी खाली कुर्सी
पिछली बार हुई वर्चुअल मीटिंग में एनएसए डोवाल की जगह उनकी खाली कुर्सी रखी थी। पाकिस्‍तान के प्रतिनिधित्‍व डॉक्‍टर मोइद युसूफ जहां पर बैठे थे, उसके पीछे पाकिस्‍तान का राजनीतिक नक्‍शा नजर आ रहा था। यही नक्‍शा डोवाल की नाराजगी की वजह बन गया था। इस नक्‍शे में पाकिस्‍तान ने जम्‍मू कश्‍मीर को अपनी सीमा में दिखाया था। डोभाल का मानना था कि पाकिस्‍तान ने जान-बूझकर यह हरकत की है। डोभाल के इस एक्‍शन से रूस भी सकते में था।
-एजेंसियां

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