संभव है सेना ने प्रवासियों को पोलैंड में दाख़िल होने में मदद की: बेलारूस

बेलारूस के नेता अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने एक ख़ास इंटरव्यू में कहा कि यह बिल्कुल संभव है कि उनकी सेना ने प्रवासियों को पोलैंड में दाख़िल होने में मदद की.
हालांकि उन्होंने इस बात से इंकार किया कि प्रवासियों को इसके लिए आमंत्रित किया गया था.
बेलारूस के नेता लुकाशेंको पहले भी इस दावे से इनकार करते रहे हैं कि बेलारूस यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का बदला लेने के लिए सीमा पर प्रवासियों को भेज रहा है.
हज़ारों की संख्या में प्रवासी जिनमें मुख्य रूप से मध्य-पूर्व के शणार्थी शामिल है,बेलारूस के रास्ते पोलैंड में दाख़िल होने की कोशिश कर रहे हैं.
एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में लुकाशेंको ने बीबीसी से कहा कि “हम स्लाव हैं. हमारे पास दिल है. हमारे सैनिकों को पता है कि प्रवासी जर्मनी जा रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “हो सकता है कि किसी ने उनकी मदद की हो और असल में अगर किसी ने ऐसा किया भी है तो भी मैं इस पर ग़ौर नहीं करूंगा.”
यूरोपीय संघ, नेटो और अमेरिका ने बेलारूस पर प्रवासियों को लुभाने का आरोप लगाया है. हालांकि बेलारूस के नेता ऐसे किसी भी आरोप को निराधार बताते हैं.
बीबीसी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “मैंने यूरोपीय संघ से कहा है कि मैं सीमा पर मौजूद प्रवासियों को हिरासत में नहीं लेने जा रहा हूँ, या तो मैं उन्हें बॉर्डर पर ही रोके रखने भी नहीं जा रहा क्योंकि वे मेरे देश में नहीं आ रहे हैं, वे आपके देश जा रहे हैं.”
“हां, लेकिन यह ज़रूर है कि मैंने उन्हें न्योता देकर यहाँ नहीं बुलाया है. अगर वास्तविक तौर पर कहूँ तो मैं नहीं चाहता कि वे बेलारूस के रास्ते से होकर जाएं.”
लुकाशेंको साल 1994 से सत्ता में हैं लेकिन पिछले साल जब वह एक बार फिर राष्ट्रपति के रूप में चुनकर आए तो पश्चिमी देशों ने उनकी काफ़ी आलोचना की थी और यूरोपीय संघ ने मान्यता नहीं दी थी.
प्रदर्शन और गिरफ़्तारियां
हज़ारों प्रदर्शनकारियों और विपक्षी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. विपक्ष की नेता स्वेतलाना तिखानोव्सकाया को जीत का दावा करने के साथ ही बेलारूस से बाहर कर दिया गया.
स्वेतलाना की टीम ने शुक्रवार को लिए गए इस साक्षात्कार के लिए बीबीसी की निंदा भी की है. अपनी आलोचना में उनकी ओर से कहा गया कि यह इंटरव्यू एक तानाशाह को रास्ता मुहैया कराने जैसा है.
बाद में स्वेतलाना की ओर से बीबीसी को कहा गया कि इस इंटरव्यू ने लुकाशेंको के झूठ और प्रोपेगेंडा के प्रचार के लिए मंच देने का काम किया है.
राष्ट्रपति भवन में इस इंटरव्यू के दौरान बेलारूस के नेता से जब शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों को मारे-पीटे जाने का सवाल किया और इस घटना से संबंधित एक वीडियो दिखाने की कोशिश की तो उन्होंने कहा- ठीक है, ठीक है. मैं इसे मानता हूं.
उन्होंने आगे कहा कि आपने ओक्रेस्टिना डिटेंशन सेंटर में लोगों को मारा लेकिन वहां पुलिस को भी मारा-पीटा गया और आपने वह नहीं दिखाया.
जमा देने वाली ठंड में फँसे प्रवासी
प्रवासियों में से ज़्यादातर युवक हैं, लेकिन इनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं, ज़्यादातर लोग मध्य-पूर्व और एशिया से हैं और वे बेलारूस के सीमावर्ती इलाक़े में तंबू में डेरा डाले हुए हैं. इनके एक तरफ़ पोलिश गार्ड और दूसरी तरफ बेलारूस के गार्ड हैं, ये लोग दोनों के बीच फँसे हुए हैं.
सीमा पर रात में तापमान शून्य से नीचे चला जाता है और हाल के हफ़्तों में यहाँ कई लोगों की मौत हो चुकी है.
-एजेंसियां

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