बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है शरीर के अंदर से टॉक्सिन्स का बाहर निकलना

कई बार गलत और अनहेल्दी खाना खाने से हमारे खून में कुछ ऐसे तत्व भी पहुंच जाते हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है शरीर के अंदर मौजूद ये टॉक्सिन्स बाहर निकलते रहें। दरअसल हवा, पानी और खाने में मौजूद प्रदूषण और अन्य प्रतिकूल तत्व कई बार हमारे शरीर के अंदर चले जाते हैं जो टॉक्सिन्स बनकर जमा होने लगते हैं और धीरे-धीरे जहर की तरह बनने लगते हैं। डॉक्टर्स की मानें तो खून साफ न हो तो फोड़े-फुंसी, पिंपल और स्किन डिजीज जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं। लिहाजा अपना खून साफ रखने के प्रयास समय-समय पर करते रहना चाहिए।
ये परेशानियां हो सकती हैं
– चेहरे और शरीर पर मुंहासों की समस्या
– त्वचा पर लाल चकत्ते हो जाना
– नसों में नीलापन दिखाई देना और त्वचा का नीला पड़ जाना
– त्वचा पर खुजली वाले गोल-सफेद चकत्ते हो जाना
– त्वचा और नाखून का जगह-जगह से उखड़ने लगना
खाने से पहले सलाद खाएं
अपने आहार की शुरुआत से पहले अच्छी मात्रा में हरी सब्जियों का सलाद या रंगीन सब्जियों का मिक्स सलाद खाएं। सलाद ऐंटिऑक्सिडेंट्स और एंजाइम्स से भरपूर होता है, जो पाचन क्रिया को सही रखता है। साथ ही ये जरूरी विटमिन, मिनरल्स और कई अन्य फिटोकेमिकल्स मुहैया करवाता है। इसलिए हर बार खाने से पहले कम से कम एक कटोरी ग्रीन या कलरफुल सलाद जरूर खाएं।
सबसे जरूरी चीज है पानी
अगर आप शरीर में मौजूद गंदगी को बाहर निकालना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे अच्छा उपाय है पानी। अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो बहुत हेल्दी खाना खाने के बाद भी आपको कोई लाभ नहीं मिलता है और शरीर की गंदगी पूरी तरह साफ नहीं होती है इसलिए बॉडी को डीटॉक्स करने के लिए दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पिएं।
नींबू और संतरा
ऐंटिऑक्सिडेंट, विशेष रूप से विटमिन सी से भरपूर संतरा और नींबू ग्लूटाथियॉन के उत्पादन को बढ़ाकर लिवर के कार्य में सहायता करते हैं। ग्लूटाथियॉन वह यौगिक है जो लिवर के डिटॉक्सिफिकेशन के लिए जरूरी होता है। कुछ दिनों तक ठोस आहार के बिना नींबू पानी पीने से आपकी डीटॉक्स प्रणाली को प्राकृतिक रूप से बढ़ावा मिलता है। नींबू में पर्याप्त मात्रा में विटमिन सी और ऐंटिऑक्सिडेंट यौगिक, लिमोनोइड्स होते है जो डिटॉक्सिफाई एंजाइमों को सक्रिय करने में मदद करते हैं।
जरूरी है फलों का सेवन
पर्याप्त मात्रा में फलों का सेवन करना चाहिए। फलों में मौजूद मिनरल्स और ऐंटिऑक्सिडेंट्स खून को साफ करते हैं। ये आपके शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालकर कोलन और लिम्फेटिक सिस्टम को सही तरह से काम करने में मदद करते हैं। अगर आप वजन कम करने का प्रयास कर रहे हों तो फल मदद कर सकते हैं।
नट्स और अनाज का सेवन
शरीर की रक्त शर्करा को स्थिर रखने के लिए भोजन के बीच में हेल्दी स्नैक्स खाने चाहिए। रक्त शर्करा में आने वाला उतार चढ़ाव आपके शारीरिक ऊर्जा के स्तर को कम कर सकता है। इसके साथ ही इसका असर प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी पड़ता है। ये वजन को भी ठीक करता है। रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने और ऊर्जा का स्तर बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में नट्स, साबुत अनाज का दलिया और स्मूथी आदि का सेवन करना चाहिए।
-एजेंसियां

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