आज मनाया जा रहा है अर्थ डे 2017, जानिए 22 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है अर्थ डे

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आज मनाया जा रहा है अर्थ डे 2017, जानिए 22 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है अर्थ डे

22 अप्रैल यानी अर्थ डे यानी कि आज पृथ्वी दिवस मनाया जा रहा है. सबसे पहले अर्थ डे 22 अप्रैल, 1970 को मनाया गया था. 1970 में पहले ‘अर्थ डे’ पर अमेरिका में कॉलेज और यूनिवर्सिटीज कैंपसों में लगभग 2 करोड़ लोग इकट्ठे हुए थे. अब तक पर्यावरण को लेकर इतना बड़ा आयोजन नहीं हुआ था.
पर्यावरण और प्रदूषण को लेकर लोग फैक्ट्री, पॉवर प्लांट, सीवेज और पेस्टीसाइड्स का विरोध करते थे. लेकिन अर्थ डे ने सबको एक साथ एक मंच पर अपनी बात रखने का मौका दिया.

विस्कॉन्सिन के सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने 22 अप्रैल को अर्थ डे के लिए प्रस्तावित किया तो वहीं सैन फ्रांसिस्को के एक्टिविस्ट जॉन मैक्कॉनेल ने 21 मार्च को होने वाले स्प्रिंग इक्विनॉक्स (जब दिन और रात बराबर होते हैं) को इस आयोजन के लिए प्रस्तावित किया था. लेकिन आखिर में 22 अप्रैल ही अर्थ डे के लिए चुना गया.

लेकिन क्या आप जानते हैं अर्थ डे के लिए 22 अप्रैल को ही क्यों चुना गया?
इसकी नींव 1872 में ही रख दी गई थी. नेब्रास्का के राइटर और वहां के पहले न्यूजपेपर के एडिटर जे. स्टर्लिंग मॉर्टन ने स्टेट बोर्ड ऑफ एग्रीकल्चर की मीटिंग में 10 अप्रैल को वन महोत्सव के लिए प्रस्तावित किया था. उन्होंने सबसे ज्यादा पेड़ लगाने वाली कम्युनिटी को इनाम देने जैसी योजनाएं भी सामने रखी.
10 अप्रैल को मनाए जा रहे वन महोत्सव को लीगल हॉलीडे घोषित कर दिया गया और बाद में इसकी तारीख बदलकर मॉर्टन के जन्मदिन 22 अप्रैल को रख दी गई.

गूगल डूडल की जुबानी, पृथ्वी के भविष्य की कहानी
आज अर्थ डे है. गूगल अपने खास डूडल के जरिए अर्थ डे मना रहा है. गूगल के इस एनिमेटेड डूडल में 12 स्लाइड हैं.

गूगल के अनुसार, इस डूडल में एक फॉक्स की कहानी है जो सपने में प्रदूषित और क्लाइमेट चेंज की शिकार पृथ्वी को देखता है. वह सपना देख चौंककर जाग जाता है.
जागने के बाद वह पृथ्वी की सेहत बेहतर करने के लिए अपने जीने के तरीके में छोटे-छोटे बदलाव लाता है.
पर्यावरण के संरक्षण और पोषण की उसकी इस मुहिम में उसको कई दोस्त भी मिलते हैं जिनमें मोमो द कैट और गूगल वेदर के फेवरिट फ्रॉग हैं.
गूगल ने इस गूगल डूडल को शेयर करने का विकल्प भी दिया है. इसके अलावा नीचे एक सर्च ऑप्शन भी है जो पृथ्वी को बचाने के टिप्स देता है.

इन टिप्स में जब जरूरत न हो तो बिजली बंद कर देना, पेड़ लगाना, ईंधन बचाने के लिए कारपूल, चलकर जाने, साइकिल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने जैसे उपाय शामिल हैं. गूगल कहता है कि फल, सब्जियां और स्थानीय रूप से उगाए गए खाद्य पदार्थों के उपयोग से भी पर्यावरण पर भार कम होता है. इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी और जानकारियां भी उपलब्ध हैं.

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