इजराइल के पीएम ने कहा, वेस्ट बैंक के बचे हिस्सों को भी अपने देश में शामिल करेंगे

यरूशलम। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह कब्जे वाले वेस्ट बैंक के बचे अन्य हिस्सों को भी अपने देश में शामिल करेंगे। यह एक ऐसी योजना है जिसका विरोध उनके महत्वपूर्ण सहयोगी भी कर रहे हैं। वहीं व्यापक स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय समर्थन के साथ फिलिस्तीनी लोगों का मानना है कि पूरा वेस्ट बैंक उनका है। वह लगातार इसे लौटाने की मांग करते रहे हैं। फिलिस्तीन के लोग इस क्षेत्र को अपने भविष्य के स्वतंत्र देश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हैं। इस क्षेत्र के बड़े हिस्से पर कब्जा करना पूरी तरह से ‘दो देश समाधान’ की उम्मीद को क्षीण कर देगा।
जाने नहीं देंगे अवसर
प्रत्यक्ष तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ दोस्ताना संबंध का हवाला देते हुए नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि इजराइल के पास मध्यपूर्व के मानचित्र को फिर से बनाने का ऐतिहासिक मौका है, और इसे गंवाना नहीं चाहिए। इजराइल की मीडिया के मुताबिक नेतन्याहू ने कहा कि वह जुलाई में कदम उठाएंगे। उन्होंने अपने रूढ़िवादी लिकुड पार्टी के सदस्यों से कहा, ‘यह एक ऐसा अवसर है जिसे हम जाने नहीं देंगे।’
अरब, यूरोप से बढ़ेंगे इजरायल के मतभेद
प्रधानमंत्री ने कहा कि वेस्ट बैंक को कब्जे में लेने का इससे बड़ा ऐतिहासिक अवसर इजराइल की 1948 में हुई स्थापना के बाद से अब तक नहीं मिला था। इन टिप्पणियों से अरब और यूरोपीय सहयोगियों के साथ इजराइल के मतभेद बढ़ सकते हैं और वॉशिंगटन में भी इजराइल को लेकर पार्टियों के बीच विवाद और भी गहरा सकता है। इजराइल ने मध्यपूर्व युद्ध में 1967 में वेस्ट बैंक पर कब्जा कर लिया था और वहां करीब 500,000 यहूदियों को बसा दिया था लेकिन अंतरराष्ट्रीय विरोध की वजह से कभी भी उसने औपचारिक तौर पर इसे इजराइल का क्षेत्र करार नहीं दिया। लेकिन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों की तुलना में ट्रंप का रुख इसको लेकर नरम रहा है।
-एजेंसियां

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