2014 के बाद हमास पर इसराइल का सबसे बड़ा हमला

इसराइल ने कहा है कि 90 से ज़्यादा रॉकेट हमलों के जवाब में उसने उत्तरी गज़ा में हमास के दर्जनों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.
फ़लस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है ग़ज़ा शहर पर हुए हवाई हमलों में दो लोगों की मौत हुई है और 12 ज़ख़्मी हुए हैं.
इसराइली सेना का कहना है कि उसने बटालियन के मुख्यालय और हमास द्वारा ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जगहों को निशाना बनाया है.
2014 में हमास के साथ हुई लड़ाई के बाद से लेकर अब तक यह इसराइल का सबसे बड़ा अभियान है.
कई ठिकानों पर हवाई हमले
इसराइल के रक्षा बलों (आईडीएफ़) का कहना है कि ग़ज़ा पर प्रभाव वाले हमास द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जगहों, बेट लाहिया में बटालियन के एक मुख्यालय, उत्तरी ग़ज़ा में एक बहुमंज़िला इमारत में बने ट्रेनिंग कैंप, हथियार भंडारों और रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया गया है.
आईडीएफ़ ने ट्वीट करके लिखा है, “पिछले एक घंटे में आईडीएफ़ के लड़ाकू विमानों ने ग़ज़ा पट्टी में हमास के चार सैन्य परिसरों में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया. इस हवाई हमले का केंद्र बेट लाहिया में हमास बटालियन का मुख्यालय था.”
एक अन्य ट्वीट में लिखा है, “कुछ ही देर पहले आईडीएफ के लड़ाकू विमानों ने उत्तरी ग़ज़ा में अल-शटी शरणार्थी कैंप में एक बहुमंज़िला इमारत पर भी हमला किया. इस इमारत के नीचे से एक सुरंग बनाई गई थी जिसे ट्रेनिंग देने में इस्तेमाल किया जाता था. यह सुरंग हमास के आतंकी सुरंग नेटवर्क का हिस्सा थी.”
जारी रह सकता है अभियान
इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ऑपरेशन अभी जारी रह सकता है.
उन्होंने कहा, “अगर ज़रूरत होगी तो हमास के आतंकी हमलों की प्रतिक्रिया का दायरा हम बढ़ा सकते हैं. अगर हमास को आज हमारा संदेश नहीं मिलता तो कल मिल जाएगा.”
प्रत्यक्षदर्शियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ग़ज़ा शहर की एक ख़ाली इमारत इसराइली हवाई हमले का निशना बनी और पास से गुज़र रहे लोग इसकी चपेट में आ गए.
हमास ने कहा है कि शुक्रवार को सीमा पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान इसराइली सैनिकों की गोली लगने से एक फ़लस्तीनी की मौत हो गई है.
‘दागे गए दर्जनों रॉकेट’
आईडीएफ़ का कहना है कि गज़ा से इसराइल की तरफ दर्जनों रॉकेट दाग़े गए हैं.
इसराइल में 90 से ज़्यादा रॉकेट गिरने की रिपोर्टें हैं. एक रॉकेट स्देरॉत क़स्बे में एक घर पर गिरा जिससे तीन लोग ज़ख़्मी हो गए.
ये हमले उस समय हुए हैं जब पिछले कुछ महीनों से इस इलाक़े में हिंसा में बढ़ोत्तरी हुई है.
सीमा पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं और फ़लस्तीनी मांग कर रहे हैं कि उन्हें इसराइल में मौजूद उनके पुश्तैनी घरों को लौटने का अधिकार दिया जाए.
वे ग़ज़ा पर इसराइल और मिस्र की ओर से की गई नाकेबंदी को भी ख़त्म करने की मांग कर रहे हैं.
इसराइल और मिस्र का कहना है कि लड़ाकों से सुरक्षा के लिहाज़ से नाकेबंदी करना ज़रूरी है.
ग़ज़ा के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनों के दौरान इसराइली सेना के हाथों 130 से ज़्यादा फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है और 15,000 से ज़्यादा ज़ख्मी हुए हैं.
-BBC

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