भारत पहुंचे इजरायल के पीएम, प्रोटोकॉल तोड़कर मोदी ने की नेतन्याहू की अगवानी

Israeli PM reached India
भारत पहुंचे इजरायल के पीएम

नई दिल्‍ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपने बहुप्रतीक्षित भारत दौरे पर पहुंच गए हैं। दोपहर 1:30 बजे नेतन्याहू के विमान ने दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। इस मौक पर पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए एयरपोर्ट पर नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा की अगवानी की। नेतन्याहू के विमान से नीचे उतरते ही पीएम नरेंद्र मोदी ने पूरी गर्मजोशी के साथ उन्हें गले लगा लिया। दोनों नेताओं ने इसके बाद एक साथ हाथ उठाकर दोनों देशों की दोस्ती का संकेत दिया। एयरपोर्ट से नेतन्याहू और पीएम नरेंद्र मोदी तीन मूर्ति मार्ग के लिए रवाना हुए।
बीते 15 साल में यह पहला ऐसा मौका है, जब इजरायल का कोई प्रधानमंत्री भारत के दौरे पर आया है। उनसे पहले 2003 में पूर्व इजरायली पीएम एरियल शेरोन भारत आए थे। भारत और इजरायल के कूटनीतिक संबंधों के हाल ही में 25 वर्ष पूरे हुए हैं।
अपने 6 दिनों के भारत दौरे में नेतन्याहू दिल्ली के अलावा हैदराबाद, अहमदाबाद और आगरा भी जाएंगे। बता दें कि इससे पहले भी अहम विदेशी मेहमानों को पीएम नरेंद्र मोदी अहमदाबाद के रिवर फ्रंट पर ले जाते रहे हैं। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और जापान के शिंजो आबे को पीएम नरेंद्र मोदी अहमदाबाद घुमाने ले गए थे। बता दें कि बीते साल जुलाई में पीएम नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर गए थे। उस दौरान उन्हें अपना बेहद करीबी दोस्त बताने वाले नेतन्याहू ने पीएम मोदी का बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत किया था।
नेतन्याहू के इस दौरे में डिफेंस, ऐग्रिकल्चर और वॉटर मैनेजमेंट से जुड़े कई अहम समझौते हो सकते हैं। भारत में इजरायली राजदूत डेनियल कारमन ने कहा कि इस दौरे में इनोवेशन सबसे अहम एजेंडा रह सकता है। हाल ही में मीडिया से बातचीत करते हुए कारमन ने कहा था कि ऐग्रिकल्चर और वॉटर के क्षेत्र में सहयोग को लेकर करार हो सकते हैं। पिछले साल जुलाई में पीएम मोदी के इजरायल दौरे के वक्त भी जल प्रबंधन टॉप अजेंडे पर था।
तीन मूर्ति मार्ग का नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा हुआ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दिल्ली के तीन मूर्ति स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में तीन मूर्ति चौक का नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा चौक किया। नेतन्याहू 6 दिन के भारत दौरे पर रविवार को ही दिल्ली पहुंचे हैं। रविवार को बेंजामिन नेतन्याहू, उनकी पत्नी और पीएम मोदी तीन मूर्ति हाइफा पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
क्या है हाइफा?
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान (1914-1918) भारतीय सैनिकों ने अप्रतिम साहस का परिचय देते हुए इजरायल के हाइफा शहर को आजाद कराया था। भारतीय सैनिकों की टुकड़ी ने तुर्क साम्राज्य और जर्मनी के सैनिकों से मुकाबला किया था। माना जाता है कि इजरायल की आजादी का रास्ता हाइफा की लड़ाई से ही खुला था, जब भारतीय सैनिकों ने सिर्फ भाले, तलवारों और घोड़ों के सहारे ही जर्मनी-तुर्की की मशीनगन से लैस सेना को धूल चटा दी थी। इस युद्ध में भारत के 44 सैनिक शहीद हुए थे।
तीन मूर्ति क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे के बाद तीन मूर्ति चौक का नाम बदलने की अटकलें तेज हो गई थीं। भारत के तीन राज्यों (जोधपुर, हैदराबाद और मैसूर) से इजरायल में भेजे गए सैनिकों के नाम पर तीन मूर्ति चौक का नाम रखा गया था। अब तीन मूर्ति मार्ग का नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा मार्ग किया गया है।
इससे पहले पीएम मोदी ने इजरायल की अपनी ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम दिन हाइफा शहर में भारतीय शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी। उसके बाद से ही तीन मूर्ति का नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा करने की बात चल रही थी, लेकिन उसका औपचारिक ऐलान नहीं हुआ था।
-एजेंसी