इस्लामिक स्टेट का दावा: बग़दादी जिंदा है, जारी किया वीडियो

इस्लामिक स्टेट समूह ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें दावा किया गया है कि वीडियो में नज़र आ रहा व्यक्ति अबु बक़र अल-बग़दादी है. यदि इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि हो जाती है तो बीते पांच साल में बग़दादी का ये पहला वीडियो होगा.
बग़दादी को आख़िरी बार जुलाई 2014 में देखा गया था. नए वीडियो में बग़दादी ने माना है कि इराक़ में इस्लामिक स्टेट का आख़िरी गढ़ बाग़ुज़ उनके हाथ से निकल गया है.
ये वीडियो इस्लामिक स्टेट के मीडिया नेटवर्क अल-फ़ुरक़ान पर पोस्ट किया गया है. वीडियो अप्रैल में पोस्ट किया गया है, लेकिन ये नहीं मालूम कि इस वीडियो को रिकॉर्ड कब किया गया.
इस वीडियो में बग़दादी ने बाग़ुज़ के साथ-साथ श्रीलंका में ईस्टर संडे के मौके पर हुए हमलों के बारे में भी बात की है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक बग़दादी का कहना है कि इराक़ी शहर बाग़ुज़ में हुए इस्लामिक स्टेट के पतन का बदला लेने के लिए श्रीलंका में ईस्टर संडे के मौके पर हमले किए गए.
हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है.
इस वीडियो का उद्देश्य ये बताना है कि हार के बाद इस्लामिक स्टेट ख़त्म नहीं हुआ है और अपने सिर पर ढाई करोड़ अमरीकी डॉलर के इनाम के साथ उसके नेता अबु बक़र अल-बग़दादी अभी भी ज़िंदा है और पकड़ से बाहर है.
मूल रूप से इराक़ के रहने वाले बग़दादी का असली नाम इब्राहिम अव्वाद इब्राहिम अल-बदरी है. पिछले साल अगस्त में उनकी आवाज़ एक ऑडियो के ज़रिए सामने आई थी.
बीबीसी के मध्यपूर्व संवाददाता मार्टिन पेशेंस का कहना है कि तब ऐसा लगा था कि बग़दादी ने इस्लामिक स्टेट को हुए नुकसान से ध्यान हटाने की कोशिश की है लेकिन 18 मिनट के ताज़ा वीडियो में बग़दादी का कहना है, ”बाग़ुज़ की लड़ाई ख़त्म हो चुकी है. इस लड़ाई के बाद बहुत कुछ होना बाक़ी है.”
कुछ वर्ष पहले इस्लामिक स्टेट उस वक्त अपने चरम पर था जब इराक़-सीरिया सीमा के एक बड़े हिस्सा पर उनका नियंत्रण था लेकिन साल 2016 में और उसके अगले साल, इराक़ का मोसुल उसके हाथ से निकल गया. साल 2017 के अक्तूबर में सीरिया के रक़्क़ा से भी उन्हें खदेड़ दिया गया था.
कुर्दों की अगुवाई वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज़ का दावा है कि इराक़ का बाग़ुज़ शहर भी अब उनके नियंत्रण में है.
कौन है अबु बक़र अल-बगदादी?
बताया जाता है कि बग़दादी का जन्म साल 1971 में इराक़ के बगदाद शहर के उत्तर में स्थित समारा में हुआ.
कुछ पुरानी रिपोर्टों के मुताबिक़, साल 2003 में जब अमरीकी सेनाएं इराक़ में दाख़िल हुईं, तब तक बग़दादी शहर की एक मस्जिद में मौलवी हुआ करते थे.
साल 2014 की रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामी चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट इन इराक़ एंड अल-शाम (आईएसआईएस) ने इराक़ और सीरिया में अपने कब्ज़े वाले इलाक़े में ‘ख़िलाफ़त’ यानी इस्लामी राज्य की घोषणा की थी.
संगठन ने अपने मुखिया अबु बक़र अल-बग़दादी को ‘ख़लीफ़ा’ और दुनिया में मुस्लिमों का नेता घोषित किया था.
-BBC

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