27 दिसंबर से 50 ट्रेनों में कुक्ड मील की सुविधा शुरू करने जा रही है IRCTC

आने वाले दिनों में आपको ट्रेन में यात्रा करने के लिये घर से पूड़ी-सब्जी और अंचार बांध कर ले जाने की जरूरत नहीं रहेगी। आपको ट्रेन में पहले की तरह लजीज व्यंजन परोसे जाएंगे। कोरोना काल में इस सुविधा को बंद कर दिया गया है। अब रेल मंत्रालय की कंपनी IRCTC आगामी 27 दिसंबर से करीब 50 ट्रेनों में कुक्ड मील की सुविधा शुरू करने जा रही है। इनमें राजधानी, शताब्दी और दुरंतो एक्सप्रेस आदि शामिल हैं।
पहले टिकट बुक करा लिया है तो क्या करें
आमतौर पर राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में टिकट लेते वक्त ही भोजन का पैसा भी ले लिया जाता है। कारोना काल में यह सुविधा खत्म कर दी गई थी इसलिए अभी तक जिन यात्रियों ने टिकट बुक करा लिया है, उन्हें भोजन का पैसा चुका कर यह सुविधा लेने का विकल्प दिया गया है। यात्री चाहे तो ट्रेन में भी टीटीई को एक्सेस फेयर टिकट (EFT) वाली पर्ची के माध्यम से खाने का शुल्क चुका सकते हैं। लेकिन, उसमें आपको भोजन की कीमत के अलावा 50 रुपये और चुकाने पड़ेंगे।
ऐसा करेंगे तो बच जाएंगे आपके 50 रुपये
रेलवे का कहना है जो कि यात्री यात्रा के दौरान भोजन चाहते हैं, वह इसका शुल्क ऑनलाइन चुका सकते हैं। इसके लिए रेलवे का इंर्फोमेशन टेक्नोलॉजी आर्म क्रिस साफ्टवेयर डेवलप कर रहा है। अपने तरफ से IRCTC भी कुछ व्यवस्था कर रही है। इस तरीके से आप प्रति यात्री 50 रुपये का शुल्क बचा सकते हैं।
ट्रेन में भी चुका सकते हैं खाने का शुल्क
भारतीय रेल ने कहा है कि अगर कोई यात्री पहले से ही खाने का शुल्क नहीं चुकाते हैं और वे ट्रेन में चढ़ने के बाद आईआरसीटीसी का खाना लेना चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें खाने की कीमत के साथ ₹50 का अतिरिक्त चार्ज देना होगा। ट्रेन में टिकट चेक हकरने वाले टीटीई से EFT यष्टि या एक्सेस फेयर टिकट पर वाली पर्ची पर यह शुल्क चुकाया जा सकता है।
कोरोना के बाद शुरू होगा रेल में गर्म खाना
भारतीय रेल ने पिछले हफ्ते IRCTC पत्र लिखकर ट्रेन में यात्रियों को भोजन परोसने की सेवा फिर से शुरू करने को कहा था। कोरोना महामारी के शुरू होने के बाद ट्रेन में पका हुआ भोजन परोसने की सेवा रोक दी गई थी। रेलवे का यह फैसला तब आया है जब उसने कोरोना महामारी के पहले वाले किराये की दर पर मेल और एक्सप्रेस ट्रेन को फिर से पुराने नंबर के साथ स्पेशल टैग हटाकर चलाने का निर्णय लिया है।
-एजेंसियां

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