ईरान की चेतावनी, 52 के जवाब में 140 ठिकानों को करेंगे टारगेट

तेहरान। ईरान के मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हमले में मौत के बाद दोनों देशों के बीच का तनाव एक नए स्तर पर पहुंच सकता है।
एक तरफ अमेरिका ने ईरान के 52 ठिकानों को नेस्तनाबूद करने की धमकी दी है तो दूसरी तरफ ईरान ने भी अपने तेवर दिखाते हुए जवाब में उसके 140 ठिकानों को टारगेट की चेतावनी दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनल्ड ट्रंप ने खुद ट्वीट कर ईरान को यह चेतावनी दी थी। कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। यहां तक कि ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों को भी धमकी देते हुए कहा कि ऐसी किसी भी जगह को निशाना बनाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल हमारे खिलाफ होगा।
‘हमने कर ली है अमेरिका के 140 ठिकानों की निशानदेही’
बता दें कि ट्रंप ने शनिवार को चेतावनी दी थी कि यदि ईरान अमेरिकी जवानों या संपत्ति पर हमला करता है तो अमेरिका 52 ईरानी स्थलों को निशाना बनाएगा और उन पर ‘बहुत तेजी से और जोरदार हमला’ करेगा।
अब कुद्स फोर्स का कहना है कि उसने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के 140 ठिकानों की निशानदेही कर ली है। उसका कहना है कि अगर अमेरिका ने मिसाइल हमलों की प्रतिक्रिया में ईरान को कोई नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो वह इन सभी ठिकानों को निशाना बनाएगा। ईरानी टेलिविजन के मुतााबिक सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई के दफ्तर के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका को जवाब देने के कई तरीकों में अभी मिसाइल हमले का सबसे ‘कमजोर’ तरीका चुना गया। ईरान इससे भी कड़ा और बड़ा कदम उठाने की क्षमता रखता है।
ईरान की धमकी पर इजरायल लाल
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की ओर से हमले की कोशिशों पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ‘हम पर जो भी हमला करेगा, उसे मुहंतोड़ जवाब मिलेगा।’
दरअसल, ईरानी इस्लामिक रिवॉल्युशनरी गार्ड्स ने मिसाइल हमलों की प्रतिक्रिया में ईरानी धरती पर हमले के जवाब में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाने की धमकी दी थी। इसने कहा था कि अमेरिका ने भविष्य में ईरान की धरती पर बम बरसाया तो जवाब में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई और इजरायल के हाफिया जैसे शहरों को निशाना बनाया जाएगा। इजरायली पीएम ने ईरान की इसी धमकी पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।
अमेरिका के मुंह पर जोरदार तमाचा: खामेनई
ईरान का कहना है कि उसने संयुक्त राष्ट्र के चार्टर 51 से मिले ‘आत्मरक्षा के अधिकार’ के तहत इराक स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, उसका इरादा अमेरिका के साथ युद्ध लड़ने का नहीं है। ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा कि उनका देश किसी भी आक्रमण का मुकाबला करने को तैयार है। उधर, ईरान के रक्षा मंत्री आमिर हातमी ने सरकारी न्यूज चैनल से कहा, ‘हमने छोटी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया… उम्मीद है कि यह अमेरिका के लिए यादगार सबक साबित होगा।’ ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई ने भी कहा कि ईरान ने इराक के अल-असद और इरबिल सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमलों के जरिए अमेरिका के मुंह पर जोरदार तमाचा लगाया है।
अमेरिका के दोस्तों पर भी हमले की चेतावनी
हम बड़े शैतान, क्रूर और अहंकारी अमेरिकी शासन को चुनौती देते हैं कि किसी भी नए दुर्भावनापूर्ण कृत्य या हमलावर गतिविधि का अंजाम और भी अधिक दर्दनाक तथा विनाशकारी होगा। हम अमेरिका की आतंकी सेना को आधार उपलब्ध कराने वाली उसकी मित्र सरकारों को चेतावनी देते हैं कि ऐसे किसी भी स्थल को निशाना बनाया जाएगा जिसका इस्तेमाल इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण और हमलावर गतिविधि के लिए किया जाएगा।
-एजेंसियां

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