पंजशीर में हिंसा पर ईरान की तालिबान को सख्‍त चेतावनी: लक्ष्मण रेखा पार न करें, पाकिस्‍तान के हस्‍तक्षेप की भी होगी जांच

तेहरान। नॉर्दन एलायंस के नेता अहमद मसूद के नेतृत्‍व में विद्रोहियों का गढ़ बनी पंजशीर घाटी में जमकर खूनी हिंसा करने पर तालिबानी आतंकी बुरी तरह से घिरते नजर आ रहे हैं। अफगानिस्‍तान के बेहद अहम पड़ोसी देश ईरान के विदेश मंत्रालय ने तालिबान को सख्‍त चेतावनी दी है और कहा कि लक्ष्मण रेखा को पार नहीं करें। ईरान ने कहा कि वह पंजशीर में पाकिस्‍तान के हस्‍तक्षेप की जांच कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि पंजशीर के कमांडरों की ‘शहादत’ बहुत ही निराशाजनक है और ईरान बीती रात हुए हमलों की बेहद कड़े शब्‍दों में निंदा करता है।
तेहरान टाइम्‍स ने ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता सैयद खतीब जादेह के हवाले से कहा, ‘पंजशीर हमले के दौरान पाकिस्‍तानी हस्‍तक्षेप की जांच की जा रही है। ईरान का मानना है कि अंतर अफगान बातचीत ही अफगान समस्‍या का एकमात्र हल है।’
उन्‍होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘मैं कड़ाई से चेतावनी देता हूं कि सभी लक्ष्‍मण रेखा को पार न करें और अंतर्राष्‍ट्रीय कानून के तहत जिम्‍मेदारियों को आवश्‍यक रूप से मानें।’
अफगानिस्‍तान के घटनाक्रम पर नजदीकी से नजर
ईरानी प्रवक्‍ता ने कहा, ‘ईरान अफगानिस्‍तान के घटनाक्रम पर नजदीकी से नजर रखे हुए है।’ उन्‍होंने कहा कि अफगानिस्‍तान का इतिहास बताता है कि प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष हस्‍तक्षेप का नतीजा केवल हमलावर की हार होता है। ईरान ने यह चेतावनी ऐसे समय पर दी है जब पंजशीर के विद्रोहियों ने आरोप लगाया है कि पाकिस्‍तानी सेना ने तालिबान को जीत दिलाने में हवाई मदद दी। यही नहीं, उन्‍होंने कहा कि तालिबान ने पाकिस्‍तान की मदद से नरसंहार को अंजाम दिया है।
इस तालिबानी-पाकिस्‍तानी हमले में ताजिक मूल के विद्रोही नेता अहमद मसूद को बड़ा झटका लगा है और उनके प्रवक्‍ता फहीम दश्‍ती सहित शीर्ष कमांडर जनरल साहिब अब्‍दुल वदूद झोर की मौत हो गई है। मसूद के सुरक्षित स्‍थान पर चले जाने के बाद तालिबान ने सोमवार सुबह दावा किया कि उन्‍होंने पंजशीर पर पूरी तरह से कब्‍जा कर लिया है। इस बीच मसूद के ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में पाकिस्‍तान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मसूद ने कहा कि तालिबान हमारे साथ जंग नहीं लड़ रहा है बल्कि यह पाकिस्‍तानी सेना और आईएसआई है जो उनका नेतृत्‍व कर रही है। तालिबान इतना मजबूत नहीं है कि वे हमारा मुकाबला कर सके लेकिन पाकिस्‍तानी सेना उनके साथ सहयोग कर रही है।
ईरान ने की चुनाव कराने की अपील
तालिबान ने भले ही अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है लेकिन उसके बुरे दिन खत्म होने का नाम नहीं ले रहे। एक ओर बड़ी संख्या में उसके लड़ाके मारे जा चुके हैं तो वहीं दूसरी ओर वह सरकार का गठन नहीं कर पा रहा। अब समूह को अगला झटका ईरान की तरफ से मिला है। ईरान ने अफगानिस्तान में जनता द्वारा चुनी हुई सरकार बनाने की अपील की है।
ईरान ने उम्मीद जताई है कि अफगानिस्तान के सफल भविष्य के लिए चुनाव बेहद जरूरी हैं और इससे देश में शांति बहाल की जा सकेगी। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अफगानिस्तान में एक ऐसी सरकार बननी चाहिए जो लोगों के वोटों और इच्छा से चुनी गई हो। हम लोगों द्वारा चुनी गई सरकार का समर्थन करते हैं।
-एजेंसियां

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