इकबाल अंसारी ने कहा, राम मंदिर के लिए कानून बनाने से एतराज नहीं

अयोध्‍या। बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए अगर संसद में कानून बनता है तो इससे मुझे ऐतराज नहीं है। इस मुद्दे पर अब राजनीति खत्म होनी चाहिए।
इकबाल ने कहा कि अब मंदिर-मस्जिद मुद्दे पर झगड़ा खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती है कि कानून बने तो हमें कोई एतराज नहीं। इकबाल अंसारी ने कहा कि मंदिर को लेकर कानून बने हमें कोई एतराज नहीं। हम आने वाले कानून का समर्थन करते हैं। हम कानून को मानने वाले हैं। बिल का करेंगे समर्थन लेकिन देश में अमन चैन होना चाहिए । कानून बनने से देश में अमन चैन रहता है, तो भाजपा जरूर कानून बनाए । हम देश का भला चाहते हैं। इकबाल अंसारी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार को लोकसभा में बिल लाना चाहिए और उसे बिल के जरिए इस मामले को खत्म करना चाहिए। सरकार यदि कानून बनाती है तो हमें कोई ऐतराज नहीं है। हम अकेले कानून को रोक नहीं सकते। भाजपा सरकार अच्छा काम कर रही है, हम उसकी तारीफ करते हैं।
अंसारी का यह बयान चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण है क्योंकि अंसारी इसके पहले राम मंदिर विवाद का समाधान सुप्रीम कोर्ट के जरिए करने की बात कहते आए हैं। इकबाल अंसारी ने कहा कि लंबा वक्त हो गया है। अब मंदिर-मस्जिद मुद्दे पर झगड़ा खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती है कि कानून बने तो हमें कोई एतराज नहीं।
उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या में जो राजनेता धरना-प्रदर्शन करने के लिए आते हैं, वे कम से कम अपना मकसद बताएं। मामला सुप्रीम कोर्ट में है। अयोध्या में भीड़ जुटती है और कोई काम बिगड़ जाए तो लोग क्या करेंगे। वहीं, राम मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास ने अंसारी के बयान का समर्थन किया है। अंसारी के बयान पर राम मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि अंसारी ने जो कहा है, हम उसका स्वागत करते हैं। सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द कानून बनाकर मंदिर का निर्माण कराए। इनके पिता हाशिम अंसारी ने भी अयोध्या विवाद के समाधान की पहल की थी लेकिन वह सफल नहीं हो पाए थे। अंसारी का बयान स्वागतयोग्य है। मुझे लगता है कि उनके बयान का असर सरकार पर भी पड़ेगा।
गौरतलब है कि 25 नवंबर को अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की तरफ से धर्मसभा का आयोजन किया जा रहा है। जिसका मकसद राम मंदिर के पक्ष में देश भर में माहौल बनाना है।
जिसके कारण राम मंदिर मुद्दा फिर से चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में मामले की सुनवाई करने की बात कही है।
-एजेंसियां

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