Scholarship scam में आईपीएस रुड़की के एमडी अंकुर शर्मा गिरफ्तार

हरिद्वार। करोड़ों रुपये के Scholarship scam में एसआईटी ने रुड़की के बेड़पुर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आईपीएस) के एमडी अंकुर शर्मा निवासी देहरादून को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका भाई कॉलेज संचालक विवेक शर्मा फरार दर्शाया गया है।
इस संस्थान को दो सत्रों में करीब छह करोड़ 28 लाख 94750 रुपये की धनराशि जारी हुई है। एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि जिन छात्र-छात्राओं के नाम पर छात्रवृत्ति हड़पी गई है, उन्होंने यहां से शिक्षा ग्रहण ही नहीं की।
पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अशोक कुमार ने एसआईटी द्वारा Scholarship scam में हुई पहली गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शासन के आदेश पर आईपीएस टीसी मंजूनाथ की अगुवाई में गठित एसआईटी प्रदेश में 2011 से लेकर 2016 के बीच छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही है।
एसआईटी जांच के बाद दिसंबर माह में चंबा के प्रभारी जवाहर लाल ने सिडकुल थाने में Scholarship scam का पहला मुकदमा दर्ज कराया था। दो अन्य मुकदमे देहरादून के प्रेमनगर और डोईवाला में कोतवाली दर्ज कराए गए हैं।
एसआईटी ने जांच के बाद रुड़की के बेड़पुर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आईपीएस) में नोटिस चस्पा कर संस्थान के एमडी और संचालक को तलब किया था, क्योंकि वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि एसआईटी के इंस्पेक्टर निरीक्षक कमल कुमार लुण्ठी ने साक्ष्यों का संकलन करने के बाद सोमवार देर रात आईपीएस कालेज के एमडी अंकुर शर्मा निवासी ईदगाह प्रकाश नगर थाना कैंट देहरादून को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका भाई और कालेज संचालक विवेक शर्मा भागने में कामयाब हो गया। एसआईटी की जांच में पता चला कि समाज कल्याण विभाग ने वर्ष 2014-15 और 2015-16 में 2032 छात्र-छात्राओं की छात्रवृति की रकम 6,28,94,75 रुपये जारी की थी।
पड़ताल में निकलकर आया कि उन छात्रों ने शैक्षणिक संस्थान में कभी शिक्षा ही ग्रहण नहीं की थी। यही नहीं उनका पंजीकरण तक नहीं हुआ था। लेकिन एक ही बैंक शाखा से इन सभी नाम के छात्रों के खाते में ऑन लाइन रकम ट्रांसफर की गई और अधिकांश के मोबाइल फोन नंबर भी एक ही पाए गए। फिर इन सभी कथित छात्रों के बैंक खातों से रकम सीधे संस्थान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई।
आरोप है कि एमडी अंकुर शर्मा, उसके भाई विवेक शर्मा ने फर्जी प्रवेश दिखाकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र छात्राओं के नाम पर करोड़ों की रकम ठग ली है। एसआईटी प्रभारी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि दूसरे आरोपी कालेज संचालक विवेक शर्मा के गैर जमानती वारंट ले लिए गए है, उसकी गिरफ्तारी के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
घोटाले में अगली बारी किसकी
छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी की कार्रवाई के बाद निजी कालेज संचालकों में अफरा तफरी का माहौल है। अब सवाल उठ रहे है कि घोटाले में अब किस प्राइवेट कालेज की बारी है, क्‍योंकि कई शिक्षण संस्थानों के दस्तावेजों के सत्यापन प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है। जाहिर है कि जल्द ही आरोपों से घिरे से अन्य कालेजों के संचालकों के खिलाफ भी कार्यवाही का चाबुक चल सकता है।
-एजेंसियां

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