आयोडीन की कमी से महिलाओं को हो सकती है गर्भधारण में समस्या

महिलाओं में आयोडीन की कमी का अगर समय रहते उपचार न किया जाए तो गर्भधारण में समस्या आना, बांझपन, नवजात शिशु में तंत्रिका तंत्र संबंधी गड़बडि़यां होने का खतरा बढ़ जाता है। मानव शरीर में आयोडीन एक महवपूर्ण माइक्रो-न्यूट्रिएंट है, जो थायरॉइड हॉर्मोन के निर्माण के लिए जरूरी है। आयोडीन डेफिशियंसी, आयोडीन तत्‍व की कमी है, यह हमारी डाइट का एक जरूरी पोषण तत्‍व है। आयोडीन की कमी से हाइपो थायरॉइडिज्‍म हो जाता है। बांझपन दूर करने के लिए किए जाने वाले प्रयासों में हाइपो थायरॉइडिज्म का उपचार एक महत्वपूर्ण भाग है। हाइपो थायरॉइडिज्‍म के उपचार बाद बांझपन की समस्‍या बरकरार रहती है तब बांझपन के लिए दूसरे इलाज की जरूरत पड़ती है।
ओमेगा-3 ऑयल – गर्भधारण करने की सोच रही हैं तो इसके लिए ओमेगा-3 ऑयल महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें इपीए (एयियोजपेनटयेनिक एसिड) और डीएचए (डोकोसैक्सिनोइक एसिड) होते हैं जो फर्टिलिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही पेल्विक में होने वाली सूजन को कम करते हैं। अगर आप गभधारण करने की सोचती हैं तो डॉक्‍टर उससे कुछ समय पहले ओमेगा-3 ऑयल का सेवन करने क सलाह देते हैं।
डेयरी प्रोडक्ट – जिन फूड्स में उच्च मात्रा में कैल्शियम होते हैं, वह न सिर्फ हड्डियों को मजबूत बनाता है बल्कि प्रजनन स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होते है। डेयरी प्रोडक्ट में पॉलीआमीन नामक प्रोटीन होता है जो पेड़ पौधों से मिलता है। यह प्रोटीन अंडों के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करते हैं और ओवरी के काम में सुधार करता है। यह ओव्यूलेशन की समस्या को भी कम करता है।
हरी सब्जियां – फर्टिलिटी को बढ़ाने के लिए हरी पत्तीदार सब्जियों का सेवन करें। आप पालक, ब्रोकली आदि का सेवन कर सकती हैं, इनमें उच्च मात्रा में फोलेट और वटामिन बी होता है, जो ओव्यूलेशन में सुधार करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही हरी सब्जियां महलाओ में लिबिडो बढ़ाने में मदद करती हैं।
बींस – बींस में प्रोटीन और आयरन होते हैं जो ओवरी के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके साथ ही इसमें उच्च मात्रा में फाइबर और कम मात्रा में फैट होते हैं जो वजन नहीं बढ़ने देती है। इसे अपने स्नैक्स में शामिल कर सकती हैं।
-एजेंसियां

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