IOC ने सिंगल यूज प्लास्टिक से बनाई 850 मीटर सड़क

फरीदाबाद। IOC (इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन लिमिटेड) ने डामर (बिटुमिन) कंक्रीट में 1.6 करोड़ टन सिंगल यूज प्लास्टिक वेस्ट का इस्तेमाल करते हुए 850 मीटर का रोड बनाया है। सरकारी कंपनी IOC ने कई प्लेटफॉर्म और एग्रिगेटर्स से ऐसे कचरे की कमर्शिल क्वॉन्टिटीज सप्लाई के एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट भी मंगाए हैं। यह रोड फरीदाबाद में IOC की रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट फैसिलिटी के बाहर बनाया गया है।
कंपनी पहले इसकी ताकत और टिकाऊपन परखना चाहती है। IOC के डायरेक्टर (R एंड D) एस एस वी रामकुमार ने बताया, ‘प्रीमियम क्वॉलिटी के डामर के मुकाबले 3 प्रतिशत प्लास्टिक कचरा इस्तेमाल करने से एक किमी रोड बनाने में 2 लाख रुपये की बचत होगी। अगर हम इम्पोर्टेड वर्जिन पॉलीमर पर निर्भरता घटाकर देश के प्लास्टिक कचरे का उपयोग करें तो लागत काफी कम हो जाएगी।’
IOC ने यह रोड कैरी बैग या पैकेजिंग फिल्म वेस्ट का इस्तेमाल करके बनाया है, जिसे 1%, 2% और 3% प्लास्टिक कचरे के प्रयोग के हिसाब बांटा गया है। इसी स्थिति में रोड की दो वर्षों तक निगरानी की जाएगी। कंपनी की लैबोरेटरी में यह एक्सपेरिमेंट लोड कपैसिटी और डेप्रिसिएशन रेजिस्टेंस पर खरा उतरा था। सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) के मुताबिक, डामर में 0.8 प्रतिशत प्लास्टिक कचरा मिलाने की इजाजत है। IOC की R एंड D टीम CRRI के साथ मिलकर प्रयोग कर रही है कि क्या इस सीमा को 3 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है?
रामकुमार ने कहा, ‘अगर यह प्रयोग सफल होता है तो हम MORTH (मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपॉर्ट एंड हाइवेज) से ऐसी पॉलिसी बनाने की गुजारिश करेंगे, जिसके तहत सभी डामर एग्रिगेटर अधिक मात्रा में वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग करें। अगर ऐसा होता है तो स्वीडन और डेनमार्क की तरह भारत रीसाइकल न होने वाले प्लास्टिक वेस्ट का आयातक बन जाएगा।’ कंपनी ने कहा कि वह प्लास्टिक कचरे की सिस्टमैटिक तरीके से आपूर्ति व्यवस्था चाहती है।
IOC के मुताबिक, ‘सिंगल यूज प्लास्टिक की दमदार सप्लाई चेन बनाने के लिए नियमित रूप से कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए एक टिकाऊ बिजनस मॉडल बनाया जाएगा, जिसमें ऑर्गनाइज्ड ऐग्रिगेटर और एनजीओ को शामिल होंगे। इसके लिए कंपनी ने 2 अक्टूबर को मार्केट की संभावनाओं को टटोलने और कंसाइनमेंट बेसिस पर प्लास्टिक वेस्ट सप्लाई करने की इच्छुक पार्टियों के लिए नेशनल EoI जारी किया।’ कंपनी ने सिंगल यूज वेस्ट प्लास्टिक से बने घुलनशील पॉलीबैग का उपयोग करके डामर की पैकिंग भी शुरू की है। यह दो परतों में पैक किया गया है। इसका इस्तेमाल करने वाला बाहरी बैग को हटा सकता है, जबकि बिटुमिन के साथ अंदर वला बैग को हॉट-मिक्स प्लांट में डाला जा सकता है।
कंपनी ने कहा, ‘सड़क निर्माण स्थल पर डामर पिघलने की प्रक्रिया के दौरान इनर बैग पिघल के पूरी से कोलतार के साथ मिल जाता है। यह फिर से पारंपरिक रूप से पैक किए गए कोलतार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।’
-एजेंसियां

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